टीईटी अनिवार्यता पर जयंत चौधरी के बयान के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, पुतला फूंका
आरटीई लागू होने से पूर्व कार्यरत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग
जौनपुर,11 फरवरी । यूपी के जौनपुर में टीईटी अनिवार्यता को लेकर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के संसद में दिए गए बयान के विरोध में बुधवार को जनपद के शिक्षकों कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित शिक्षकों ने मंत्री के बयान को अन्यायपूर्ण बताते हुए उनका पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शिक्षकों का कहना है कि संसद द्वारा 1993 में पारित एनसीटीई अधिनियम के तहत देशभर में भर्ती एवं कार्यरत लगभग 20 लाख शिक्षकों की नौकरी सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय से संकट में पड़ गई है। छह माह बीत जाने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीटीई के वर्ष 2017 के संशोधन ने शिक्षकों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। यदि सरकार शीघ्र समाधान नहीं निकालती है तो शिक्षक आर-पार की लड़ाई के लिए बाध्य होंगे और दिल्ली में धरना देने का निर्णय लिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने “काला कानून में संशोधन करो” और “आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करो” जैसे नारे लगाए।
इस अवसर पर लाल साहब यादव, रविचंद यादव, शिवेंद्र सिंह रानू, लक्ष्मीकांत सिंह, राजेश बहादुर सिंह ‘मुन्ना’, वीरेंद्र प्रताप सिंह, मनोज यादव, धर्मेंद्र यादव, विक्रम प्रकाश, सुनील, श्यामलाल मौर्य सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

