यूपी बजट पर सियासत तेज विपक्ष ने बताया चुनावी, भाजपा ने कहा समावेशी विकास का दस्तावेज

यूपी बजट पर सियासत तेज विपक्ष ने बताया चुनावी, भाजपा ने कहा समावेशी विकास का दस्तावेज

जौनपुर,11 फरवरी। यूपी के जौनपुर से बजट पर लोगो की राय जाना हिंदुस्थान समाचार प्रतिनिधि ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को अपना दसवां बजट पेश किया, जिसके बाद प्रदेश सहित जौनपुर में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। विपक्षी दलों ने बजट को चुनावी और जनविरोधी बताया, जबकि भाजपा ने इसे सर्वस्पर्शी और समावेशी विकास का दस्तावेज करार दिया।
विपक्ष का आरोप है कि बजट में जौनपुर जिले को कोई विशेष परियोजना नहीं मिली। जिले में सत्तापक्ष के चार विधायक, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव तथा राज्यसभा सदस्य सीमा देवी की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय स्तर पर बड़ी घोषणा न होने से लोगों में निराशा है। बजट पर बात करते हुए
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि यह केवल कागजी और चुनावी बजट है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ छल किया गया है। फसल लागत, सिंचाई, खाद-बीज, कर्जमाफी और स्थायी रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम जरूरत की वस्तुएं लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। उन्होंने सरकार से सब्सिडी और प्रत्यक्ष सहायता बढ़ाने की मांग की। उनका आरोप है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, रोजगार और गरीब वर्ग के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं।
बसपा जिलाध्यक्ष संग्राम भारती ने भी बजट को जनहित के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था, गरीबी उन्मूलन और युवाओं, महिलाओं व किसानों के हित में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने बजट का बचाव करते हुए कहा कि यह प्रदेश के समग्र विकास का खाका है। सड़क, आरओबी और फ्लाईओवर निर्माण के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया गया है, जिसका लाभ जौनपुर को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेधावी छात्र-छात्राओं, किसानों और युवाओं के लिए कई योजनाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में गर्ल्स हॉस्टल निर्माण की घोषणा के तहत जौनपुर में भी छात्रावास बनाया जाएगा, जिससे बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जहां विपक्ष इसे आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे विकासोन्मुख और दूरदर्शी बजट बता रहा है।

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