अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार को बादल फटने से आई बाढ़ से तीन लंगर समेत 40 के करीब टेंट बह गए। हादसे में 16 यात्रियों की मौत जबकि 40 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। बादल फटने के बाद अमरनाथ गुफा के पास मची तबाही से बनारस में बेचैनी बढ़ गई। लोग परिचितों और रिश्तेदारों का हाल जानने के लिए परेशान रहे।
बनारस से भी सेवादार और श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ गया है। उनके परिजन फोन से उनका कुशलक्षेम जानने को परेशान हैं। कई श्रद्धालु जम्मू तो कई श्रीनगर में फंसे हैं। साकेतनगर निवासी संदीप तिवारी ने फोन पर बताया कि वह लोग शनिवार से यात्रा आरंभ करने वाले थे, लेकिन बादल फटने की घटना के बाद श्रीनगर में फंस गए हैं। जहां नेटवर्क की समस्या भी गंभीर है।
रामापुरा निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि वह मित्रों संग अमरनाथ यात्रा पर शुक्रवार को ही श्रीनगर पहुंचे थे। शनिवार से उनकी यात्रा आरंभ होनी थी, लेकिन होटल में रुकना पड़ा है। रुकी हुई यात्रा स्थिति सामान्य होने पर फिर आरंभ होगी। बनारस से गए श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति के सदस्यों व सेवादारों के परिजन भी परेशान हैं।

