गोरखपुर ।
धरती के भगवान कहे जाने वाले लापरवाह चिकित्सकों व फर्जी नर्सिंगहोम संचालकों पर सीएम सिटी में कार्यवाही न होने से एक तरफ जहां तीमारदारों को खूब ठगा जा रहा है,वहीं दूसरी तरफ उनके लापरवाही से कई मरीज असमय ही काल के गाल ने समा जा रहे हैं।
उरूवा कस्बे के गोला रोड पर स्थित केबी मेमोरियल हॉस्पिटल पर दिन शनिवार को 1 लगभग बजे 23 वर्षीय प्रसूता का सिजेरियन ऑपरेशन के मौत के बाद सैंकड़ो की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने चिकित्सकों की लापरवाही से मौत के बाद लगभग 5 घण्टे तक जमकर बवाल काटा।स्थानीय पुलिस द्वारा कार्यवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मृतक प्रसूता का शव बीच सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे।पुलिस ने भीड़ को तीतर बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया जिससे भगदड़ मच गई।
जानकारी के अनुसार उरूवा क्षेत्र के चचाईराम निवासी किसमती देवी ने बताया कि उनकी बहू पूजा(23) आठ माह से ऊपर का गर्भ था।प्रसव पीड़ा होने पर बीते शनिवार को वह उरूवा स्थित केबी मेमोरियल हॉस्पिटल लेकर आई।जांच उपरांत तैनात महिला चिकित्सक चिकित्सक तुरन्त ऑपरेशन की बात कहते हुए 50 हजार रुपये जमा करा लिया।किसमती ने कर्ज लेकर किसी तरह से 50 हजार रुपये जमा भी कर दिया।ऑपरेशन के बाद लड़की पैदा हुई।लेकिन उसके बाद से ही पुजा की हालत बिगड़ती चली गयी।लेकिन हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने रेफर नही किया लापरवाही के चलते पूजा की हॉस्पिटल में ही मौत हो गयी।
पहले भी नर्सिंगहोम पर लग चुका है आरोप-
ग्रामीणों द्वारा किये जा रहे हंगामे के बीच उरूवा क्षेत्र ग्रामसभा सुल्तानी निवासी देवेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंच कर जोर-शोर से हॉस्पिटल के कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग करने लगा।पूछने पर उसने बताया कि दस दिन पूर्व यहीं के चिकित्सकों ने मेरी पत्नी रीना(25) का ऑपरेशन किया था।हॉस्पिटल के कर्मचारियों की लापरवाही से मेरे नवजात शिशु की मौत हो गयी।और मुझसे जबरिया 42 हजार रुपये भी ऐंठ लिए गए।
इस सम्बंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी उरूवा डॉ जेपी तिवारी ने बताया कि हॉस्पिटल को सीज कर दिया गया है।पहले भी उक्त अवैध हॉस्पिटल के विरुद्ध कार्यवाही की गई थी।
जबकि थानाध्यक्ष उरूवा सुनील कुमार निषाद ने बताया कि पुलिस ने कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्यवाही कर रही है। शव का पंचनामा कर पीएम के लिए मेडिकल कालेज गोरखपुर भेजा जा रहा है।

