उरुवा में सड़क निर्माण पर उठे सवाल — एक माह में ही उखड़ने लगी गिट्टियां, जिम्मेदारों की चुप्पी से बढ़ी चर्चा
गोरखपुर ब्यूरो चीफ आशुतोष चौधरी
उरुवा (गोरखपुर):
कहते हैं “सड़क विकास की पहचान होती है”, लेकिन उरुवा क्षेत्र की सड़कों की हालत देखकर यही कहा जा सकता है कि विकास कागज़ पर हुआ, ज़मीन पर नहीं!
उरुवा चौराहे से मात्र 200 मीटर की दूरी पर धुरियापार-शाहपुर मार्ग पर बनी सड़क की गिट्टियां सिर्फ एक माह में ही उखड़ने लगीं। जहां कुछ दिन पहले तक चमकदार डामर दिख रहा था, अब वहां धूल उड़ती नज़र आ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल खुलकर हुआ था। अब जब सड़क का चेहरा एक महीने में ही बिगड़ गया है, तो भ्रष्टाचार की बू साफ महसूस होने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि “हमने काम के समय ही ठेकेदार और मजदूरों से शिकायत की थी, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। अब सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील होने लगी है।”
वहीं, जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस पर पूरी तरह चुप हैं। किसी ने न तो निरीक्षण किया, न ही सुधार की कोई पहल दिखाई।
सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने बताया कि “ यदि यही हाल रहा तो पहली बरसात में ही सड़क बह जाएगी,
अब स्थानीय लोग इस खराब निर्माण की जांच की मांग कर रहे हैं।

