जांच में दो संदिग्ध पुलिस हिरासत में, मचा अफरा तफरी
जौनपुर।भ्रष्टाचार के आरोपो से घिरा एआरटीओ विभाग की कारस्तानी जानने के लिए बुधवार दोपहर एसडीएम सदर हिमांशु नागपाल एक लेखपाल के साथ बाइक से अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बहाने सीधे लाइसेंस पटल पर पहुंच गए। उन्होंने वहां पर तैनात कर्मचारी से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूछा तो वह कर्मचारी उन्हें आम जनता समझकर बाहर दुकानों पर बैठे दलाल के पास जाने को कहा।
इतना सुनते ही एसडीएम का पारा सातवे आसमान पर पहुंच गया, उन्होंने तत्काल लाइन बाजार थाने की पुलिस को मौके पर बुलवाकर मेन गेट बंद कराकर कैम्पस में मौजूद लोगों की चेकिंग और पूछताछ शुरू कर दी। दो संदिग्ध लोगों को पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अचानक हुई इस कार्यवाही से पूरे विभाग में हड़कम्प मच गया। दलाल डेंटल कालेज की तरफ से बाहर भाग निकले, कर्मचारी भी दुबक गए। एसडीएम ने उन्हें बाहर भेजने वाले कर्मचारी को तत्काल इस पटल से हटाने का आदेश दिया। पूरे चेकिंग के दरम्यान एआरटीओ ने अपना और अपने कर्मचारियों का दामन पाक साफ बताते हुए विभाग में व्याप्त गड़बड़ झाले का आरोप दुकानदारों और दलालो के सिर पर मढ़ दिया। वही इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने बताया कि एआरटीओ विभाग में आए दिन दलालों और भ्रष्टाचारियो के कारण मारपीट और कर्मचारियों द्वारा फीस से ज्यादा वसूली की शिकायतें मिल रही थी एआरटीओं कार्यालय में दलाली बढ़ गयी है। इसकी जानकारी लेने के मैं खुद बाइक से आम आदमी तरह एआरटीओं कार्यालय गया वहां पर मैने देखा कि बाबू दलाल के माध्यम से ही कार्य कर रहे है। पूरी हकीकत जानने के बाद मैने पुलिस बुलाकर मेन गेट को बंद कराकर चेकिंग शुरू किया तो तमाम लोग दूसरी गेट से भाग गये कुछ लोगों को पकड़कर जांच पड़ताल किया जा रहा है। मुझे भी एक बाबू ने बाहर दुकान पर दलाल के पास जाने को कहा था उसके खिलाफ भी कार्यवाही करने के लिए आरटीओं को आदेश दिया है। इस विभाग को दलालों से मुक्त कराने के लिए इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगा।

