महाराष्ट्र ब्यूरो विपिन गुप्ता
मुंबई: केशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन शनिवार 22 अप्रैल को मुंबई के मीरा रोड में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से की कवियों ने शिरकत की। पूर्व विधायक श्री नरेन्द्र मेहता ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में सम्मान समारोह का आयोजन भी हुआ जिसमे समाज के विभिन्न क्षेत्रों मे उत्कृष्ट योगदान के लिए समाज के कई विभूतियों को सम्मानित किया गया। पत्रकार अवनींद्र आशुतोष, युवा उद्यमी जीतेश वैश्य और वरिष्ठ साहित्यकार हृदयेश मयंक को क्रमशः निष्पक्ष पत्रकारिता पुरस्कार, युवा उद्यम रत्न पुरस्कार और साहित्य सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र विधान सभा के पूर्व सदस्य श्री नरेन्द्र मेहता एवं विशिष्ट अतिथि श्री धर्मेन्द्र चतुर्वेदी एवं डॉ. हरि प्रसाद राय ने पुरस्कार प्रदान किये।
कवियों के हंसगुल्लों पर सभी लोट पोट होते रहे। बच्चे, बूढ़े और जवान सभी रह रहकर तालियां बजाते रहें। इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक नरेन्द्र मेहता ने कहा राजनीति पेशा नहीं है, यह लोगों की सेवा है। जनप्रतिनिधियों के रूप में, यह हमारा कर्तव्य है कि हम समाज की भलाई के लिए काम करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकताओं और विकास के अवसरों तक पहुंच हो।” उन्होंने कवि सम्मेलन को लेकर कहा कि कविता एक दर्पण है जो समाज और उसके मूल्यों को दर्शाती है। कवियों में अपने शब्दों से दुनिया को प्रेरित करने और बदलने की शक्ति है। ऐसे सांस्कृतिक प्रोग्राम समाज में होते रहने चाहिए, क्योंकि यह समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने का काम करते हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री चतुर्वेदी, जो उत्तर भारतीय मंच के अध्यक्ष हैं, ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में कविता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “कविता भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है और हमें हमारे गौरवशाली अतीत की याद दिलाती है। हमें इस परंपरा को जीवित रखने के लिए अपने कवियों को प्रोत्साहित करने और उनका समर्थन करने की आवश्यकता है।”
कार्यक्रम में शिरकत करने वाले कवियों ने अपनी वाणी और प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ललितपुर से आए कवि पंकज अंगार ने अपनी दमदार और ओजस्वी प्रस्तुति से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। महाराष्ट्र, पुणे से आए सुनील साहिल ने अपने हास्य और विनोदी छंदों से दर्शकों का मनोरंजन किया। इस आयोजन में भाग लेने वाले अन्य कवियों में मुंबई के प्रमोद कुश ‘तन्हा’ और गोरखपुर के भीमसेन सिंह उज्जवल शामिल थे।
कार्यक्रम का संचालन कवियित्री एवं शायरा डॉ. प्रज्ञा शर्मा ने किया और आयोजक देवदत्त देव ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस आयोजन मे दैनिक जागरण जंक्शन के प्रधान संपादक बिपिन गुप्ता को माजी आमदार नरेंद्र मेहता ने सम्मानित किया

