ख़बर अयोध्या:जिला संवाददाता डॉ अजय तिवारी
अयोध्या :राम मंदिर ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट से ऐतिहासिक सबूत और दस्तावेज़ वापस मांगेगा*।
*इन्हीं सबूतों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था*।
पुरातत्व विभाग की खुदाई में मिले सभी साक्ष्य फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के पास सुरक्षित हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट न्यायालय को औपचारिक पत्र लिखकर दस्तावेज़ सौंपने का अनुरोध करेगा।
निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा—अब फैसले को चुनौती देने वाला कोई नहीं है।
सभी ऐतिहासिक साक्ष्य राम मंदिर परिसर में बन रहे संग्रहालय में संरक्षित किए जाएंगे।
मंदिर परिसर में रामायण काल से जुड़े प्रसंगों की विशेष गैलरियां बनाई जा रही हैं।
गैलरी निर्माण और प्रस्तुति के लिए आईआईटी चेन्नई के साथ एमओयू किया जा रहा है।
हनुमान जी की मूर्ति को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
मार्च 2026 तक गैलरियों के तैयार होने की उम्मीद जताई गई है।
देश-विदेश की प्राचीन रामायणों का संग्रह भी मंदिर परिसर में किया जाएगा।
बाल्मीकि रामायण की प्राचीन प्रति गर्भगृह में रखने के लिए वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय से संपर्क किया जा रहा है।
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अयोध्या में
ई-रिक्शा चालकों ने जीआरपी और आरपीएफ के खिलाफ किया धरना-प्रदर्शन*।
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र रहा।
चालकों का आरोप है कि स्टेशन के आसपास ई-रिक्शा खड़ा करने नहीं दिया जाता।
यात्रियों को बैठाने के दौरान पुलिस द्वारा डंडा दिखाकर भगाने का आरोप।
शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई निर्धारित स्टैंड नहीं बनाया गया।
बार-बार हटाए जाने से चालकों के रोज़गार पर सीधा असर पड़ रहा है।
ई-रिक्शा चालकों ने पुलिस द्वारा अपमानजनक व्यवहार का भी आरोप लगाया।
चालकों की मांग है कि प्रशासन रेलवे स्टेशन व प्रमुख चौराहों पर ई-रिक्शा स्टैंड बनाए।
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अयोध्या
*जमीन के अधिग्रहण का काम पूरा, रिंग रोड का निर्माण तेज*।रामनगरी में रिंग रोड का काम अब गति पकड़ चुका है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। अधिकांश स्थलों पर न सिर्फ निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है, बल्कि तेजी से आगे बढ़ रही है। रिंग रोड पर 2028 से सरपट वाहन दौड़ेंगे। यह परियोजना न केवल अयोध्या की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति देगी।
लगभग 3418 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 67.50 किलोमीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े रिंग रोड पर सात फ्लाईओवर, चार रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), 16 वाहन अंडरपास, 11 मेजर ब्रिज और 18 माइनर ब्रिज का निर्माण शामिल है। इसके अलावा सरयू नदी पर दो भव्य पुलों का निर्माण भी होना है, जो अयोध्या को बस्ती और गोंडा से जोड़ेंगे। रिंग रोड का पहला अंडरपास अयोध्या-अंबेडकरनगर हाईवे पर यश पेपर मिल से सिरसिंडा गांव के लिंक रोड के बीच बन रहा है।रिंग रोड का निर्माण कार्यदायी संस्था मेसर्स सीगल अयोध्या बाईपास हाइवे प्राइवेट लिमिटेड करा रही है। यहां से अगला ओवरब्रिज सरयू नदी पर 42 सौ मीटर लंबाई में बनाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें लगी हैं। पुल का निर्माण रामपुर हलवारा में स्थापित एनटीपीसी के सोलर प्लांट के बीच से शुरू है, जो सरयू नदी के ऊपर से बस्ती जिले को जाेड़ेगा। अयोध्या के नयाघाट से दशरथ समाधि तक निर्माणाधीन फोरलेन के ऊपर यह ओवरब्रिज अंडरपास का काम करेगा। इसके अलावा ग्राम कटरौली, मगलसी, मऊ यदुवंशपुर और खानपुर मसौधा में अंडरपास निर्माण गति पकड़ चुका है।वहीं, ग्राम हरिपुर जलालाबाद, हुंसेपुर, रायपुर मनापुर और खरगापुर में बंधा निर्माण कार्य निरंतर प्रगति पर है। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में छह मेजर ब्रिज, दो माइनर ब्रिज, छह फ्लाईओवर और 13 वाहन अंडरपास पर निर्माण कार्य चल रहा है। परियोजना तेजी से आकार ले रही है।

