गोरखपुर नगर निकाय चुनाव का मतदान खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार शाम को शराब की दुकानें खुलीं, तो कतार लग गई। महज चार घंटे के भीतर लोग पांच करोड़ की शराब गटक गए। आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार, चुनाव खत्म होने के बाद भी देसी शराब की मांग सबसे अधिक रही। लोगों ने पांच लाख पेटी देसी शराब पी। इसके अलावा 5300 पेटी अंग्रेजी शराब और बीयर बिक गई।
मतदान की तारीखों के ठीक दो दिन पहले शराब की दुकानें बंद हो गई थीं। बृहस्पतिवार को चुनाव खत्म होने के बाद बिक्री को लेकर दुकानदार भी सजग थे। इसलिए पहले ही स्टॉक मंगा लिया था। आबकारी विभाग के अधिकारियों की मानें तो रोजाना ढ़ाई से तीन करोड़ की शराब बिकती है, लेकिन मतदान के बाद शाम को जब दुकानें खुली तो लोग लगभग पांच करोड़ रुपये की शराब पी गए।
आबकारी अधिकारियों ने बताया कि पांच लाख पेटी देसी शराब की बिकी है। एक पेटी में 54 शीशी होती और उसकी कीमत 2400 रुपये है। इसके अलावा चुनाव के बाद 3500 पेटी बीयर बिक गई। एक पेटी की कीमत 2800 रुपये है। वहीं, अंग्रेजी की औसत बिक्री 2500 पेटी हुई। एक पेटी की कीमत 8500 रुपये है। ऐसे में 1 करोड़ 80 लाख रुपये की देसी और 2 करोड़ 12 लाख रुपये कीमत की अंग्रेजी शराब की बिक्री हुई।
बृहस्पतिवार का दिन होने से मुर्गा- मीट की बिक्री रही सीमित
मतदान के कुछ दिन पहले से ही शराब, मुर्गा और मीट का दौर चलने लगा था। चुनाव खत्म होने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। बृहस्पतिवार होेने की वजह से अधिकांश लोग मीट-मांस नहीं खाते हैं। फिर भी बड़ी संख्या में लोगों ने मीट की खरीदारी की। रायगंज रोड के मीट व्यापारी हामिद ने बताया रोज की तुलना में भीड़ कम थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि शुक्रवार को भीड़ रहेगी।

