कानपुर के श्याम नगर में बुधवार दोपहर एक बिल्डर ने अपने घर के भीतर ही ठेकेदार को जिंदा फूंक दिया। चार घंटे तक वह जिंदगी के लिए जंग लड़ता रहा। आखिर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। राजेंद्र पाल (59) की मौत के बाद पीड़ित परिवार बदहवास हो गया। राजेंद्र को देख परिजन बिलख पड़े। इस दौरान बेटी का भी गुस्सा फूट पड़ा।
बस एक बार मुझे उन शैतानों की शक्ल दिखा दो
…मेरे पापा की जान जिन शैतानों ने ली है, बस मुझे उनकी एक बार शक्ल दिखा दो। आखिर मेरे पापा ने उनका क्या बिगाड़ा था। कहां हैं वो मुझे वहां ले चलो..। पिता राजेंद्र को जिंदा फूंकने की जानकारी होने पर उनका पूरा परिवार बदहवास हो गया। शादीशुदा बेटी पुष्पा बेसुध हो गईं। गम और गुस्से में वह इसी तरह की बातें कहकर दहाड़ मारकर रोती रहीं। अन्य परिजनों ने पुष्पा को ढांढस बंधाने का प्रयास किया।

पुष्पा ने कहा कि पापा के हत्यारों को कठोर से कठोर सजा मिले। राजेंद्र की पत्नी मीना पाल वारदात के बाद से बेसुध हैं। वह बार बार एक ही बात कह रही थीं कि आखिर उन्होंने जान क्यों ले ली। उनका क्या कसूर था।

शैलेंद्र की वजह से परिवार बर्बाद हो गया…
पुष्पा ने बताया कि उसके पिता आर्थिक तंगी झेल रहे थे, उसकी वजह बिल्डार शैलेंद्र था, क्योंकि उसने पैसे हड़प रखे थे। इस वजह से उनको मजदूरों आदि के भुगतान के लिए ब्याज पर पैसा लेना पड़ा था। जिसको चुका चुकाकर पिता परेशान हो गए थे। कर्ज से दबे हुए थे। परिजनों ने अब पैसे वापस दिलाने की मांग की है। जिससे वह कर्ज चुका सकें।

वो बोले अच्छा आदमी है शैलेंद्र
परिजनों ने बताया कि जब 5 लाख रुपये का शैलेंद्र पर बकाया हो गया था। तो सभी ने कहा था कि उसके साथ काम न करें। कहीं ऐसा न हो कि रकम फंस जाए। तब राजेंद्र ने कहा कि शैलेंद्र अच्छा आदमी है। बोला है कि बकाये का भुगतान कर देगा, इसलिए वह आगे भी उसके साथ काम करते रहे और उनपर 18 लाख रुपये का बकाया हो गया।

पुलिस को थी पूरी जानकारी
परिजनों ने बताया कि विवाद की पूरी जानकारी पुलिस को थी। अगर पहले ही पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आरोपी की इतनी हिम्मत न होती कि वह इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकते। राजेंद्र जिंदा होते। परिजनों के सवाल पर चकेरी पुलिस सवालों के घेरे में है।

लोगों ने साधी चुप्पी
वारदात को लेकर मोहल्ले में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। हर किसी ने जानकारी होने से इनकार कर दिया। घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं मिला। इससे पुलिस को साक्ष्य जुटाने में दिक्कत हो रही है।
उधर, पुलिस ने आरोपी बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि 18 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पुलिस पूछताछ कर घटना के संबंध में और अधिक जानकारी जुटा रही है। लाल बंगला एनटू रोड स्थित एमईएस कॉलोनी में राजेंद्र पाल (59) का परिवार रहता है। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में कार्यरत उनके बेटे अरविंद व पत्नी मीना पाल ने बताया कि राजेंद्र लेबर ठेकेदार थे। श्याम नगर डी ब्लॉक निवासी बिल्डर शैलेंद्र श्रीवास्तव के साथ वह कई काम कर चुके थे। राजेंद्र को शैलेंद्र से 18 लाख रुपये लेने थे। शैलेंद्र पैसे नहीं दे रहा था। इसको लेकर करीब तीन साल से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। राजेंद्र ने उसके पास काम करना भी बंद कर दिया था।


