ब्रिटेन के नए सम्राट चार्ल्स का भारत के लिए गहरा लगाव रहा है। वह न सिर्फ प्राचीन योग और आयुर्वेद के बड़े समर्थक रहे हैं बल्कि भारत से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सक्रिय भी रहे हैं। प्रिंस ऑफ वेल्स के रूप में 73 वर्षीय चार्ल्स ने बीते वर्षों में भारत के कई दौरे किए हैं और अपने ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के जरिए उन्होंने देश में गरीबी मिटाने के उपायों में मदद की।
कोरोनाकाल में भी उन्होंने महामारी की दूसरी लहर से जूझते देश की मदद के लिए लोगों से अपील कर करोड़ों रुपये एकत्र करने में भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, भारत ने महामारी में दूसरे देशों की मदद की है, अब हमें उसकी सहायता करने की जरूरत है। एजेंसी
महामारी के दौरान ही उन्होंने योग और आयुर्वेद की उपचार क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया था। इससे पहले, अप्रैल 2018 में चार्ल्स ने पीएम नरेंद्र मोदी की लंदन स्थित साइंस म्यूजियम में मेजबानी के दौरान आयुर्वेदिक उत्कृष्टता केंद्र शुरू किया था। उनकी पत्नी कैमिला (अब क्वीन कंसोर्ट) भी योग पद्धति में काफी विश्वास रखती हैं।
पर्यावरण के प्रति सजग, भारत की भूमिका बताई
वेल्स के राजकुमार के नाते चार्ल्स ने पर्यावरण मामलों पर भी जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तय लक्ष्यों को पाने में भारत की अहम भूमिका पर अकसर बयान दिए हैं।
सौर ऊर्जा पर भारत की तारीफ…
गत वर्ष जुलाई में उन्होंने इंडिया ग्लोबल फोरम में कहा था, नवीकरणीय व सौर ऊर्जा में टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए भारत जैसे देशों को पूंजीगत मदद पर ध्यान देने की जरूरत है।

