नाव के बिना सांसत,राहत सामग्री को इंतजार कर रहे ग्रामीण,जानवर के चारे की व्यवस्था की तैयारी अभी कर रहा प्रशासन

खजनी! खजनी क्षेत्र मे तहसील प्रशासन ने बेलडाड, सोहरा,छताई,मँझरिया,चौरिया,महुआ डांड,पांडेयपुर,रेक्सानारा,विनायका, भलुआन, कुड़नी, जमौली,जरलहीं, भुसवल आदि गावों को मेरुण्ड गांव घोषित किया है लेकिन ग्रामीण कही नाव की ब्यवस्था से परेशान तो कही राहत सामग्री न मिलने लोग चिंतित है, इधर लगातार हो रही बारिश के कारण लोगो की हालात काफी खराब हो चुकी हैं,आमी नदी के किनारे बसे दो दर्जन गांव के हजारों घरों में बाढ़ का पानी घुसने से प्रलय जैसी हालात पैदा हो चुके है,पीड़ित रिहायशी मकानों को छोड़कर गांव के बाहर जानवरों के साथ पन्नी की झोपड़ी डालकर जीवन व्यतीत कर रहे है,बाढ़ की चपेट आये गांव की दुर्दशा बढ़ती जा रही है,बाजार में मवेशियों के चारा जैसे चोकर इत्यादि का दाम बढ़ता जा रहा है लेकिन तहसील प्रशासन अभी तक मौन है एसडीएम पवन कुमार ने बताया राशन किट की कमी है,गांव के प्रत्येक नागरिक को राहत सामग्री देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है और मवेशियों के चारा भी वितरण किया जा रहा है

खजनी क्षेत्र के बेलडाड़ निवासी गंगादीन, देवानंद, कुशहर,सरिता देवी, अकाली, रजवंता, शोभा व जया ने बताया हमारे गांव में कोई नाव अभी तक प्रशासन नहीं भेजा है जिससे हम लोगो को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, हमारे गांव के प्रधान निष्क्रिय हैं,उनके चहेते लेखपाल से मिलकर राहत सामग्री खजनी मे स्थित अपनी दुकान से आधा अधूरा वितरण करा रहे हैं, प्रशासन द्वारा एक भी मीटर पन्नी, मिट्टी का तेल मुहैया नहीं कराया गया है, हम लोग गांव से बाहर पन्नी का झोपड़ी डालकर मवेशियों के साथ रात्रि गुजार रहे हैं,ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश है, इसी क्रम में सोहरा गांव से रामधनी, रामदिन, संतबली, विजयी,ओमप्रकाश, पूर्णमासी, श्री राम, रामपति,जीरावती, विजयी मौर्य, रामप्रताप, दुर्गेश, महेंद्र, राम दरस नाव, राहत सामग्री व जानवरों के चारे को लेकर प्रशासन के प्रति गंभीर आरोप लगाए हैं, इस गांव में लेखपाल राशन बांटने में मनमानी कर रहा है,तहसील का कोई सक्षम अधिकारी अभी तक दौरा नहीं किया है,सोहरा गांव से रमाकांत बताते है हम दो भाई हैं, एक भाई को लेखपाल ने राशन दे दिया जबकि हमारे परिवार को राशन के लिए तड़पा रहा है, हमने इसकी शिकायत तहसील में किया लेकिन कोई सक्षम अधिकारी गांव में नहीं आया,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *