निपुण भारत अभियान की धुरी बन रहे एडुस्टफ के स्वतः स्फूर्त शिक्षकों को लखनऊ विश्वविद्यालय में किया गया सम्मानित।
लखनऊ : बेसिक शिक्षा के स्वप्रेरित शिक्षक समूह एडुस्टफ के तत्वाधान में पंचम राज्य स्तरीय शिक्षक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन दिनांक 27-12-2025 को लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित समाज कार्य विभाग के राधा कमल मुखर्जी सभागार में भव्य समारोह के साथ आयोजित किया गया ।
इस अवसर पर निपुण भारत मिशन तथा बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में सुगम ,सहज व सरल पठन-पाठन के विकास , शत-प्रतिशत नवीन नामांकन, विद्यालय में बच्चों के ठहराव तथा सर्व शिक्षा अभियान के प्रचार- प्रसार हेतु किये गये नवाचारी प्रयोगों के लिए जनपद जौनपुर के शिक्षक- शिक्षिकाओं को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदरणीय डॉ.प्रदीप कुमार सिंह संयुक्त मंडलीय शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग लखनऊ द्वारा अंगवस्त्रम पहनाकर और सर्टिफिकेट तथा स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया गया।सम्मानित किए गए शिक्षक- शिक्षिकाओं में क्रमशः प्राथमिक विद्यालय कबूलपुर प्रथम के शिक्षक और न्याय पंचायत नेहरूनगर सिरकोनी जौनपुर के नोडल शिक्षक संकुल डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय रंजीतपुर सिकरारा जौनपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती किरन सिंह, प्राथमिक विद्यालय महराजगंज जौनपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती प्रतिमा सिंह तथा प्राथमिक विद्यालय दुगौली खुर्द बदलापुर जौनपुर की सहायक अध्यापिका श्रीमती किरन कुमारी प्रमुख रहे।
जनपद जौनपुर के बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग से नामित शिक्षक -शिक्षिकायें जो मौसम की खराबी , अत्यधिक ठंड,घने कोहरे अथवा किसी अन्य कारणों से कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके थे उन सभी का भी सम्मान करते हुए आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय द्वारा उन सभी का सर्टिफिकेट टीम एड्यूस्टफ की फाउंडर, राज्य अध्यापक पुरस्कार , राज्य स्तरीय आई टी पुरस्कार,मिशन शक्ति पुरस्कार एवं जनपद स्तर से लेकर देश-प्रदेश स्तर के अनेक पुरस्कारों से सम्मानित जनपद जौनपुर की कर्मठ एवं कुशल शिक्षिका प्रीति श्रीवास्तव को प्रदान करते हुए सबका उत्साहवर्धन एवं सम्मान किया गया।
लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के राधाकमल मुखर्जी सभागार में टीम एड्यूस्टफ की राज्य स्तरीय पंचम कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समूह की संस्थापिका राज्य शिक्षक पुरस्कार,मिशन शक्ति समेत अनेक पुरस्कारों से सम्मानित प्रीति श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत कर आज की संगोष्ठी के शीर्षक अन्विता पर प्रकाश डालते हुए समूह द्वारा किये जा रहे शैक्षिक प्रयासों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉक्टर प्रदीप कुमार सिंह जी ने अपने 30 वर्षों के शैक्षिक प्रशासक के रूप में शिक्षकों से मिले सहयोग एवं धरातल पर शिक्षकों के द्वारा किए जा रहे बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार से एक समूह के रूप में एक ही ध्येय और एक लक्ष्य के साथ काम करने वाले शिक्षकों का जुटान एक स्थान पर होने को उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। सरकारी योजनाओं से हटकर शिक्षक क्या सोचता है, विद्यालय के बारे में, शिक्षा के क्षेत्र में कौन सा बदलाव वह स्वयं आगे बढ़कर कर रहा है ,इसका एड्यूस्टफ समूह अनुपम उदाहरण है। उन्होंने समूह की संस्थापिका प्रीति श्रीवास्तव को इस नेक कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि समाज में शिक्षा की लौ जलाने का काम आप जैसे लोगों के द्वारा ही निरंतर की जा रही है । प्राचीन काल में भी गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति शिक्षक को सर्वोपरि रखते हुए उन्हें समाज का निर्माता मानती थी तथा शिक्षक को समाज में सर्वोच्च स्थान प्रदान करते हुए उसे ही ब्रह्मा विष्णु महेश और पारब्रह्म की संज्ञा से विभूषित किया गया था।
विशिष्ट अतिथि विभागाध्यक्ष समाज कार्य विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय एवम् चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश द्विवेदी ने शिक्षकों के कार्यों पर समाजशास्त्रीय प्रभाव विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी। प्रबंध संकाय लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजय मेधावी जी ने तकनीकी को आत्मसात कर शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की रूपरेखा खींचते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मानव जीवन में बढ़ते प्रभाव पर बात की। विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से इसको समझाते हुए उन्होंने कहा कि आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस AI गणना तो कर सकता है लेकिन चिंतन आपको ही करना होगा।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर जी ने शिक्षकों को उत्साहित करते हुए कहा कि आज के दौर में शिक्षक की गरिमा एवं उसका प्रभाव दोनों पर संकट के बादल आसन्न है । हम सबको अपने कार्यों के द्वारा , अपने आचरण के द्वारा एवं वैचारिक रूप से सर्वदा समाज एवं बच्चों के हित का चिंतन कर जनमानस को बेसिक शिक्षा से जोड़़ना है। कोई भी संगठन अपना अस्तित्व तभी लम्बे समय तक बचा पाता है जब उसके नेतृत्व करने वाले स्वयं आदर्श प्रतिमान गढ़ते हैं।
समूह की संस्थापिका श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए समूह के कार्यों पर प्रकाश डाला एवं अतिथियों द्वारा इस अवसर पर समूह के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया प्रदेश के 18 मंडल से जुटे हुए शिक्षकों को उनके कार्यों एवं विद्यालय की उपलब्धियों के लिए प्रमाण पत्र अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित एवं विविध मंचों पर पुरस्कृत शिक्षकों- शिक्षिकाओं का एकत्रीकरण आज के संगोष्ठी का प्रमुख आकर्षण था । इस अवसर पर एड्यूस्टफ समूह से जुड़ी रायबरेली की शिक्षिकाओं द्वारा निपुण भारत मिशन थीम पर शानदार रंगोली और सेल्फी प्वाइंट बनाकर कार्यशाला की सुन्दरता में चार चांद लगा दिए गए थे। टीम की महिला शिक्षक सदस्यों द्वारा सरस्वती वंदना एवं सीतापुर जनपद द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया । धन्यवाद ज्ञापन सीतापुर के एसआरजी एवं कोर टीम मेंबर श्री मदनेश मिश्रा ने किया। आगंतुक अतिथियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं की बैठक व्यवस्था, चाय-नाश्ता, जलपान एवं भोजन व्यवस्था का संचालन टीम एड्यूस्टफ जनपद जौनपुर के एडमिन डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव तथा उनके टीम मेम्बर्स के नेतृत्व व सहयोग से संचालित किया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंचीय संचालन श्री धीरज सिंह एवं रेनू सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला के सम्पूर्ण इवेंट का मिनट टू मिनट लाइव प्रसारण टीम एड्यूस्टफ की टेक्निकल टीम द्वारा क्रमशः विभिन्न मीडिया चैनलों, यू-ट्यूब और फेसबुक पर भी किया गया।

