पानीपत में मराठा शौर्य और आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक बनाने हेतु बैठक हुई
बिपिन गुप्ता/महाराष्ट्र
मुंबई, महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पानीपत युद्ध में दिखाए गए मराठा शौर्य के लिए और आगरा में जहां पर औरंगजेब ने छत्रपति शिवाजी महाराज को कैद कर रखा था और महाराज फलों की टोकरी में बैठकर बाहर निकल गए इन दोनों जगहों पर महाराष्ट्र सरकार की तरफ से स्मारक बनाने की बजट सत्र में विधानमंडल में घोषणा की थी इस पर सोमवार 7 अप्रैल को महाराष्ट्र सरकार के मुख्यालय मंत्रालय में भाजपा के खाते से मंत्री बने विपणन मंत्री जय कुमार रावल और शिवसेना के खाते से मंत्री बने पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई की संयुक्त बैठक हुई। इसके बाद दोनों मंत्रियों ने मंत्रालय में संयुक्त रूप से पत्रकार परिषद को संबोधित किया और कहा कि हरियाणा के पानीपत के ‘काला आम’ और उत्तर प्रदेश के आगरा इन दोनों स्थानों पर स्मारक बनाने के लिए क्रमशः हरियाणा सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से बात हो रही है वह सहयोग दे रहे हैं। महाराष्ट्र का स्वर्णिम इतिहास यहां से जुड़ा है। दोनों राज्यों से संपर्क करने के लिए समन्वय मंत्री के तौर पर देसाई और रावल को जिम्मेदारी दी गयी है। एक सवाल कि ऐसी चर्चा है कि आगरा में सिंह की हवेली है जहां पर छत्रपति शिवाजी महाराज को कैद किया गया था इस जगह के बारे में जो संशय था वह साफ हुआ क्या ? जिस पर उन्होंने बताया कि आर्चिओलॉजिकल सर्वे विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा इस बारे में कार्य किया जा रहा है वह जिस जगह को सुनिश्चित करेंगें कि यह वह जगह है जहां शिवाजी महाराज को कैद किया गया था वहां पर आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक बनेगा यह निर्माण कार्य महाराष्ट्र के पर्यटन विभाग द्वारा किया जायेगा । इसके अलावा उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी बताया कि मुंबई के अरब महासागर में छत्रपति शिवाजी महाराज के जो स्मारक बनाने की बात कही गई थी उसका भी निर्माण किया जायेगा। इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे केंद्र सरकार को आवश्यक खानापूर्ति कर रहे हैं कुछ अनुमतियां मिलनी बाकी है। अरब सागर में हवाओं की गति एवं मालवण में घटी घटना इस सब का विचार करके इस बारे में सब प्रक्रिया शुरू है। स्मारक की जिम्मेदारी विनायक मेटे को सौंपी गयी थी लेकिन उनके निधन के बाद किसी को यह जिम्मेदारी नहीं सौंपी गयी है। लेकिन सरकार के तौर पर इसको पूरा करने की जिम्मेदारी सबकी है और निर्धारित समय में इस स्मारक को पूरा करने का प्रयास है। महाराज की प्रतिमा की डिजाइन प्रक्रिया शुरू है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादे किये हैं उसे पूरा किया जायेगा। ज्ञातव्य है कि साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के निर्माण के लिए अरब समुद्र के बीच नाव से जाकर जल पूजन किया था उस समय उनके साथ तत्कालीन एवं अब पुनः वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी थे।

