पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह राजू और उनकी पत्नी पर दर्ज़ हुई धोखाधड़ी की एफआईआर

पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह राजू और उनकी पत्नी पर दर्ज़ हुई धोखाधड़ी की एफआईआर

बोले राजवर्धन, कार्यवाही राजनीति प्रेरित, लाइसेंस का मामला 1997 का

हरदोई(अम्बरीष कुमार सक्सेना)
एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां समाजसेवी और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह राजू और उनकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर शहर कोतवाल विजय नारायण शुक्ल द्वारा दर्ज कराई गई है।
शिकायत के अनुसार, दंपति पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज एवं शपथ पत्र (एफिडेविट) बनवाकर अपने आपराधिक मामलों को छुपाते हुए शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया। यह कार्य न सिर्फ कानून की दृष्टि से गंभीर अपराध है, बल्कि शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
मामले की जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक माबूद रज़ा को सौंपी गई है। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच प्रारंभ कर दी है और जल्द ही आरोपितों से पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस प्रकरण से क्षेत्र में राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है और लोग पूरे मामले व पुलिस की कार्रवाई पर नज़र रखे हुए हैं।

इस पूरे प्रकरण पर राजवर्धन सिंह राजू ने कहा कि मामला राजनीति प्रेरित है। लाइसेंस 1997 का है, मुक़दमा अब दर्ज़ हुआ है। कहा, लाइसेंस पत्नी के नाम से है, उन पर तो कोई मुक़दमा नही है, जो सच्चाई थी, वही लाइसेंस लेते हुए दी गई। बाकी, कहीं कोई दिक्कत है तो उसकी जांच करें, दोषी पाए जाने पर कार्यवाही करें।

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