प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था लेखिका संघ बरेली के तत्वावधान में इंद्रानगर बरेली के रामेश्वरम अस्पताल के सभागार में मीरा मोहन के संयोजन में कवि गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न
बरेली, 17 दिसंबर। महानगर ³ प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था लेखिका संघ बरेली के तत्वावधान में इंद्रानगर बरेली के रामेश्वरम अस्पताल के सभागार में मीरा मोहन के संयोजन में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ कवि शायर हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष ने की तथा मुख्य अतिथि डॉ अखिलेश गुप्ता रहे। कवि गोष्ठी का शुभारम्भ डॉ किरण कैंथवाल द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। वरिष्ठ कवि गीतकार कमल सक्सेना ने अपनी ग़ज़ल पढ़ते हुए कहा कि,,,
मुस्कराकर दिल हमारा तोड़ना अच्छा लगा। तोड़ना दिल और फिर मुहूँ मोड़ना अच्छा लगा। कोशिशें की थी मगर कुछ हाथ न आया कमल। काटता था घर तन्हा घर छोड़ना अच्छा लगा। जिस पर सभी ने जोदार तालियाँ बजायीं। हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष ने अपनी ग़ज़ल पढ़ते हुए कहा कि,,,
गज़ब का ज्ञान वेदों की पढ़ाई से निकलता है। जगत में सच सनातन की दुहाई से निकलता है। कहीं केशव कहीं शंकर कहीं देवी निकलती है, खुदाई का करिश्मा हर खुदाई से निकलता है।,
संस्था की अध्यक्ष दीप्ती पांडे नूतन ने अपनी कविता पढ़ी जिसपर सभी ने तालियाँ बजायीं।
ज़िन्दगी तुझको हम न समझ पाये। थामे हाथ कोहरे का ग़म घर चले आये। संस्था की सचिव डॉ किरण कैंथवाल ने अपना सुंदर गीत पढ़ा,,
तू जो कह दे आसमां से चाँद लाऊं मैं। तू जो कह दे थोड़ी देर और ठहर जाऊ मैं।,
डॉ अखिलेश गुप्ता ने बेटियों को समर्पित गीत पढ़ा.।
मीरा प्रियदार्शनी ने अपनी कविता इस तरह पढ़ी,,,तेरे हुस्न की बारिश में भीगे हैँ.हम। तेरी आँखों के साहिल पे ठहरे हैँ हम।
अंशु गुप्ता ने गीत पढ़ते हुए कहा कि,,,कल रात मेरी चौखट आयी, बंद पलकों पर सज नहीं पाई।
चाँद सितारे ताक रहे, जुगनू सारे जाग रहे। बिन आहट वह सकुचाई, कल रात मेरी चौखट आई।.इसके अतिरिक्त मीरा मोहन, सुधीर मोहन,चित्रा जौहरी,मुन्नी देवी और शैलजा मिश्र ने भी काव्य पाठ किया।
कवि गोष्ठी का संचालन गीतकार कमल सक्सेना ने किया। अंत में संयोजक मीरा मोहन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
🌎 कमल सक्सेना कवि गीतकार बरेली 🌎
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