
ठाकुरगंज के राइननगर में सोमवार को खेल-खेल में पिता की लाइसेंसी बंदूक से गोली चलने से आठ साल के अली जैद की जान चली गई। उसके पिता ने पड़ोसी से विवाद में बंदूक निकाली थी। पुलिस के आने की सूचना मिलते ही उसने बंदूक पत्नी को छिपाने के लिए दे दी। पति की गिरफ्तारी के बाद वह बंदूक बिस्तर पर ही रखकर भूल गई। दोपहर में बंदूक से खेलते वक्त जैद से गोली चल गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीसीपी सोमेन वर्मा के मुताबिक दुबग्गा सब्जी मंडी में आढ़ती फरीद की इलाके में कई दुकानें हैं। उसके परिवार में पत्नी अससिया, बेटी फहिया और बेटा मो. अली जैद है। सोमवार दोपहर फरीद का पड़ोसी शमीम से किराये को लेकर विवाद हो गया। करीब 12 बजे शमीम कुछ लोगों को लेकर उसके घर पहुंचा तो फरीद ने लाइसेंसी बंदूक निकाल ली। इस दौरान पुलिस के आने की सूचना मिलते ही उसने बंदूक अससिया को छिपाने के लिए दे दी। पुलिस फरीद को पकड़कर थाने ले गई और शमीम की तहरीर पर उसके खिलाफ मारपीट व धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया।
फरीद की गिरफ्तारी के बाद अससिया बंदूक बिस्तर पर ही छोड़कर भूल गई। वहीं, दोपहर चार बजे जैद व फहिया स्कूल से लौटकर घर में खेलने लगे। इस दौरान उसके हाथ पिता की लाइसेंसी बंदूक लग गई, जिससे चली गोली उसके सीने के आर-पार हो गई। आवाज सुनकर दूसरे कमरे में काम कर रही अससिया दौड़ते हुए पहुंची तो देखा खून से लथपथ जैद फर्श पर पड़ा था। उसकी चीख सुनकर पड़ोसी पहुंचे और जैद को ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसीपी चौक आईपी सिंह और ठाकुरगंज पुलिस मौके पर पहुंचे। एडीसीपी पश्चिम के मुताबिक जैद की मौत के मामले में फरीद के खिलाफ लापरवाही से मौत और लापरवाही से लाइसेंसी असलहा रखने का केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, डीसीपी पश्चिमी के मुताबिक अभी तक की जांच में सामने आया है कि खेलते समय बच्चे के हाथ में बंदूक आने से हादसा हुआ है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

