अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या)
प्रदेश सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार नजर नहीं आ रहा।नौनिहालों के भविष्य निर्माता कहे जाने वाले शिक्षकों के समय से विद्यालय पहुंचने के सख्त निर्देश के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात नहीं सुधरे हैं।छात्रों समय से स्कूल तो पहुंच रहे लेकिन स्कूल कक्षों में ताला लटके रहने की तस्वीर सामने आ रही है। शिक्षकों की अनुपस्थिति में नौनिहाल कहीं झाड़ू लगा रहे तो कहीं कोलाहल करते हुए नजर आ रहे हैं।दरसअल कोरोना काल में लंबे समय से बंद परिषदीय विद्यालय खुल चुके हैं। कोरोना नियमों के अनुपालन के साथ स्कूलों में पठन-पाठन कार्य शुरू हो चुका है। अभिभावक अपने बच्चों के शिक्षित होने की उम्मीद से विद्यालय तो भेज रहे है, लेकिन शिक्षकों के पुराने रवैए में कोई बदलाव नहीं आया है,अयोध्या के बीकापुर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय कथईया में नौनिहालों को किस प्रकार की शिक्षा दी जा रही है इसकी तस्वीर एक वीडियो के जरिए अस्पष्ट हो जाती है। प्राथमिक विद्यालय सुबह 10 बजे तक शिक्षक नहीं पहुंच रहे, वहीं नियत समय से करीब 2 घंटे के बाद जब शिक्षक पहुंचते हैं तो वह कैमरे पर कुछ बोलने से कतराते नजर आते हैं।जब बच्चों के द्वारा स्कूल में झाड़ू लगाते हुए विडियो सामने आया तो बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय ने सफाई दी। उनका कहना है कि इस संबंध में प्रधानाध्यापक अध्यापकों द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया है।जहाँ तक बच्चों के सफाई का प्रश्न है,उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक सतना आदेश हो गया है। सभी स्कूल बच्चों और अध्यापकों को “मेरा विद्यालय” “स्वच्छ विद्यालय”के आधार पर सभी को मिल करके विद्यालय को स्वच्छ बनाएं रखना है।ऐसे में अगर बच्चे किसी भेदभाव से समस्त बच्चों का सहयोग लेते हुए विद्यालय के प्रांगण साफ सफाई करने के लिए नियमानुसार है।अगर नियमो के विपरीत कोई भी कार्यवाही की जाती है।तो सम्बंधित स्पष्टीकरण प्राप्त करके मामले की जाँच जाएगी।

