अयोध्या।(डा.अजय तिवारी जिला संवाददाता) सोमवार रात 12 बजते जहाँ एक ओर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर घंटे-घड़ियाल, ढोल-नगाड़े, झांझ-मजीरे और मृदंग बज उठे।वही इसी कडी़ मे राम नगरी अयोध्या मे इस शुभ घडी़ पर शंख की आवाज के साथ मंगल ध्वनि गूंजने लगीं।हरि बोल के जयकारों के साथ ही कृष्ण भक्त नाच उठे।राम नगरी अयोध्या के संपूर्ण मंदिर व घरो के परिसर मे जन्म के उत्साह में सराबोर हो गया।तिथि अष्टमी भाद्रपद, जन्मे कृष्ण मुरार, प्रगटे आधी रात को सोये पहरेदार.. के पद की गूंज सुनाई देने लगी।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हजारों भक्त इन पलों में ठाकुरजी के दर्शन कर भावविभोर हो गए।हमारे सूत्र के मुताबिक इस मौके पर जहाँ एक ओर श्रीकृष्ण जन्म स्थान मथुरा के भागवत भवन में श्रीराधाकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष केशर आदि सुगंधित द्रव्यों में लिपटे भगवान कृष्ण के विग्रह मोर्छलासन में विराजमान होकर अभिषेक स्थल पहुंचे।

रजत कमलपुष्प में विराजित कान्हा का महाअभिषेक सवा मन दूध, दही, घी, बूरा, शहद और दिव्य औषधियों से तैयार पंचामृत से किया गया। इस दौरान आसमान से पुष्पों की कृत्रिम बरसात होने लगी। महाभिषेक के बाद कन्हैया की शृंगार आरती की गई। श्रीकृष्ण के जन्म के इस अलौकिक दर्शन का यह दौर रात 1:30 बजे तक यूं ही चलता रहा।वही इस मंगलमय बेला पर मथुरा में सोमवार कान्हा के जन्म के दर्शन की अभिलाषा के साथ आए भक्तों का हुजूम श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास उमड़ पड़ा। दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं।घंटों इंतजार के बाद भक्तों को कन्हैया के अलौकिक दर्शन प्राप्त हुए। दिन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी श्रीकृष्णोत्सव में शामिल हुए।सूत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी ने दोपहर के वक्त श्रीकृष्ण की पूजन किया। जो परंपरा अब तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास महाराज निभाते थे, उसे गोरखनाथ पीठधीश्वर योगी आदित्यनाथ (सीएम) ने निभाया।वही राम नगरी अयोध्या मे श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर भगवान की जन्म ओर लीला भूमि की अलौकिक छवि ने भक्तों में मंत्रमुग्ध कर दिया।सभी मंदिरो को जाने वाले सभी रास्तों के साथ तिराहे-चौराहे की सुंदरता आकर्षण का केंद्र बनी रही।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान की खूबसूरती ने अद्भुत छटा बिखेरी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के साथ सात राम नगरी अयोध्या के सभी मंदिरों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।मथुरा मे वही योगी राज का ब्रज की इस पावन धरा पर जन्मोत्सव मनाया जा रहा था, इधर अयोध्या मे भी दोपहर को बादल छाए रहे।प्रात:काल से ही काली घटाओं ने ब्रज के आंगन को ढक लिया था।शीतल मंद हवाओं ने लोगों को आनंदित किया। कान्हा के भक्त गलियों और सड़कों पर अपने लाडले के आने का इंतजार कर रहे थे, तभी हल्की बूंदाबांदी भी होती रही।राम नगरी के हजारों मंदिरों के अलावा घर-घर ब्रज के लाडले कान्हा का जन्मोत्सव मध्यरात्रि में हुआ।रात्रि के ठीक बारह बजते ही मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर के भागवत भवन स्थित राधाकृष्ण मंदिर सहित राम नगरी अयोध्या मे सभी मंदिरों, शहर के सभी प्रमुख बाजारों व श्रद्धालुओं के घरों से घंटे-घड़ियालों व शंखनाद गुंजायमान हो उठे।काफी देर तक हर तरफ से जयकारों के स्वर सुनाई देते रहे।ब्रज के लाला के जन्मोत्सव की बधाई के जयकारे दूर-दूर तक सुनाई दे रहे थे।राम नगरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर मंदिर में देशी-विदेशी भक्तों द्वारा ठाकुरजी के श्रीविग्रहों का पंचामृत से अभिषेक किया गया।इसके बाद सभी मंदिर प्रांगण में हरे राम हरे कृष्ण की सुमधुर ध्वनि के मध्य देशी विदेशी भक्तों ने संकीर्तन किया।सभी मंदिरो में श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव प्रात: छ: बजे से ही प्रारंभ हो गया।मंदिर में नौबत बजाई गई, भक्तों ने प्रात: 6:15 बजे तक मंगला के दर्शन खोले किए। 6:30 बजे दूध, दही, शहद, बूरा और घी से ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया। इसके बाद ठाकुरजी का रत्नों, स्वर्ण और चांदी के आभूषणों से भव्य शृंगार हुआ। शृंगार के बाद ठाकुर जी के राजभोग के दर्शन खुले।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सभी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी।

