मेडिकल कालेज में विश्व एनाटॉमी दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया
देश की उपासना ब्यूरो धनंजय विश्वकर्मा
*जौनपुर:* उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो० आर० बी० कमता के दिशा निर्देश में विभागाध्यक्ष, एनाटॉमी, प्रो० भारती यादव द्वारा एनाटॉमी दिवस पर विभाग में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राधानाचार्य प्रो० आर०बी० कमल के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि एनाटॉमी चिकित्सा विभाग की यह प्रथम सीढ़ी है. जो एक विद्यार्थी को “मानव शरीर की जटिल संरचना को समझने का आधार देती है। उन्होंने बताया कि किसी भी चिकित्सक की पहचान केवल उसकी डिग्री से नहीं, बल्कि उसकी समझ सहानुभूति और सेवा भावना से होती है और यह भावना एनाटॉमी प्रयोगशाला में ही जन्म होती है। जो विद्यार्थी अपने कैडेवर को केवल अध्ययन का माध्यम नहीं बाल्कि अपने प्रथम शिक्षक के रूप में देखते हैं,वही आगे चलकर एक संवेदनशील और कुशल चिकित्सक बनते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने अध्ययन के प्रारंभिक दिनों से ही चिकित्सा पेशे की नैतिकता, अनुशासन और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करें। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी कि वे केवल परीक्षाओं के लिए नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के लिए ज्ञान अर्जित करें। उन्होंने कहा- एनाटॉमी केवल शरीर की रचना का अध्ययन नहीं बल्कि जीवन के प्रति सम्मान और सेवा की भावना का पाठ भी सिखाती है।” उन्होंने छात्रों को भविष्य के डॉक्टर के रूप में जिम्मेदारी, ईमानदारी और सतत सीखने की भावना अपनाने की सलाह दी। उन्होंने विभाग के शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि एनाटॉमी विभाग विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवीय मूल्यों के संगम की ओर अग्रसर करता है। प्रधानाचार्य ने अपने उद्बोधन के अन्त में सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करें और समाज में स्वास्थ्य सेवा का उज्ज्वल उदाहरण बनें।
प्रो० भारती यादव विभागाध्यक्ष, एनाटॉमी ने अपने संबोधन में कहा कि हम 15 अक्टूबर को एनाटॉमी दिवस मना रहें है। एनाटॉमी चिकित्सा शिक्षा की वह आधारशिला है, जिस पर पूरे चिकित्सा विज्ञान की इमारत खाड़ी होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का अनुशासित व्यवहार और अध्ययन के प्रति उनकी गंभीरता ही उन्हें एक सफल डॉक्टर बनाती है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहां कि वे अपने जीवन में नियमितता, विनम्रता और जिम्मेदारी को हमेशा प्राथमिकता दें। एनाटॉमी जैसे विषय के माध्यम से वे शरीर की संरचना के साथ-साथ सेवा और सम्मान की भावना को भी सीखें । प्रोफेसर ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सफलता का मार्ग केवल मेहनत से नहीं, बल्कि अनुशासन और सतत अभ्यास से प्रशस्त होता है। उन्होंने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डीन रिसर्च, प्रो० रुचिरा सेठी ने “एनाटॉमी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम के समापन पर अपने प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने सबसे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य एवं विभागाध्यक्ष एनाटॉमी एवं अन्य उपस्थित चिकित्सक का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि एनाटॉमी चिकित्सा शिक्षा की वह मूलभूत शाखा है जो एक विद्यार्थी को मानव शरीर की संरचना बताती है। उन्होंने कहा कि जो छात्र एनाटॉमी विषय को गहराई से समझते हैं, वे आगे चताकर एक कुशल संवेदनशील और आत्मविश्वासी चिकित्सक बनते है। उन्होंने एनाटॉमी लैब में विद्यार्थियों की सकिय भागीदारी, अनुशासन और लगन की सराहना करते हुए कहा कि कैडेवर अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों का विनम्न और संवेदनशीता दृष्टिकोण इस बात का प्रतीक है कि ये भविष्य में समाज के प्रति दायित्व निभाने के लिए तत्पर हैं। प्रोफसर रूचिरा सेठी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन और मानवता से जुड़ा हुआ एक व्यापक अनुभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने अध्ययन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ नैतिकता, अनुशासन और सहानुभूति को भी शामिल करें। अन्त में उन्होंने एनाटॉमी विभाग के समस्त शिक्षकों और छात्रों तथा कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में न केवल वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें एक बेहतर चिकित्सक बनने की दिशा में प्रेरित भी करते हैं।
एनाटॉमी दिवस कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रंगोली, पोस्टर स्कीप्ट एवं कविता के माध्यम से विज्ञान और कला का अद्भूत प्रर्दशन किया, जिसे उपस्थित सभी शिक्षकों और अतिथियों ने सराहा।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक , प्रो० तबस्सुम यासमीन, उप प्रधानाचार्य, प्रो० आशीष यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० ए०ए० जाफरी, आउटसोर्स प्रभारी प्रोफ़ेसर उमेश सरोज, डा० विनोद कुमार डा० सरिता पांडे, डा० हमजा अंसारी, डा० संजीव यादव, डा० स्वाति, डा० रेनू तथा एनाटॉमी विभाग के चिकित्सा शिक्षक डा० अर्चना चौधरी, डा० प्रियंका सिंह, डा० मतीन अहमद खान् डा० सैयद उस्मान, डा० दिग्वेश यादव, डा० किशन उपाध्याय एवं कर्मचारी पवन कुमार, जनमेजय गौतम, सतीश गुप्ता, साधना यादव, मदन चौरसिया रामअचल बिन्द, बृजेश यादव, रामसिंह मौर्या, मनीषा एवं नवप्रवेशित छात्र/छात्राएं उपस्थित रहें।

