शासन का कहना है कि पीसीएस संवर्ग में अन्य विभागों से सेवा स्थानांतरण व लेटरल एंट्री के माध्यम से पेशेवरों की नियुक्ति का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
नियुक्ति विभाग के विशेष सचिव मदन सिंह गर्ब्याल ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उप्र सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों की नियुक्ति उप्र लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) प्रयागराज के माध्यम से 50 प्रतिशत सीधी भर्ती व 50 प्रतिशत पदोन्नति द्वारा की जाती है। पीसीएस संवर्ग में सृजित कुल पदों के सापेक्ष रिक्तियों की संख्या तय करते हुए सीधी भर्ती व प्रोन्नति के माध्यम से भर्ती के लिए हर साल यूपीपीएससी को प्रस्ताव भेजा जाता है। इसके बाद यूपीपीएससी द्वारा रिक्त पदों तैनाती के लिए की गई संस्तुति के क्रम में नियुक्ति/प्रोन्नति की कार्यवाही की जाती है।
विशेष सचिव ने बताया कि इसी के अनुसार चयन वर्ष 2021-22 में डिप्टी कलेक्टर के पद पर सीधी भर्ती के माध्यम से चयन के लिए 39 रिक्तियों व प्रोन्नति के जरिये चयन के लिए 73 रिक्तियों का प्रस्ताव 22 फरवरी को यूपीपीएससी को भेजा जा चुका है। पीसीएस संवर्ग से आईएएस संवर्ग में पदोन्नति के लिए प्रोन्नति कोटे के तहत 23 रिक्तियों को अधिसूचित करने का प्रस्ताव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार को भेजा जा चुका है।
बीते कुछ वर्षों पूर्व सीधी भर्ती के कम अधिकारी चयनित होने के कारण पीसीएस संवर्ग के उच्च वेतनमान के पद वर्तमान में रिक्त हैं। इन पदों पर विभिन्न विभागों में पीसीएस संवर्ग के लिए सृजित पदों पर तैनाती के लिए पीसीएस संवर्ग के अधिकारी उपलब्ध होने तक विभागीय अधिकारियों को तैनात किए जाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

