राजधानी लखनऊ में पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे बैंक से लोन पर ली गई गाड़ियों के नाम पर अवैध वसूली का धंधा जोरो पर: उपभोक्ता परेशान
लखनऊ: बताते है कि 7 .1.2026 को लखनऊ आशियाना थाना क्षेत्र अंतर्गत अन्नपूर्णा मार्केट में बैंक से लोन पर ली गई गाड़ियों के नाम पर अवैध वसूली करने का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार अमित कुमार सिंह नामक व्यक्ति द्वारा अवध रिस्क मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोलकर अपने सहयोगी सुमित एवं 25–30 हथियारबंद असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर बैंक लोन गाड़ियों से जबरन वसूली की जा रही है।
बताया गया कि जिन गाड़ियों की बैंक किस्त किसी मजबूरीवश बकाया हो जाती है, उन्हें ऑनलाइन ट्रेस कर यह गिरोह गाड़ी का पीछा करता है, रास्ते में रोककर वाहन सवार से मारपीट करता है और लाखों रुपये की अवैध वसूली करता है। जो व्यक्ति पैसा दे देता है, उसे यह कहकर छोड़ दिया जाता है कि “चाहे बैंक का पैसा दो या न दो।” वहीं जो व्यक्ति कानूनी तरीके से बैंक में भुगतान करने की बात करता है, उसके साथ खुलेआम गुंडई करते हुए मारपीट कर गाड़ी छीन ली जाती है।
इसी क्रम में आज अन्नपूर्णा मार्केट के सामने शिव शक्ति एंटरप्राइजेज के मालिक स्वर्गीय एस.के. चतुर्वेदी के 22 वर्षीय पुत्र आगमन की गाड़ी को “बैंक की किस्त बकाया” बताकर रोका गया। आगमन ने बताया कि उनके पिता का देहांत हो चुका है और जानकारी के अनुसार वाहन का बीमा होने के कारण बैंक द्वारा शेष किस्त माफ कर दी गई है। यह सुनते ही अमित कुमार सिंह के गुर्गों ने ₹50,000 की मांग करते हुए कहा कि पैसा देने पर ही गाड़ी छोड़ी जाएगी।
आगमन द्वारा पूरी जानकारी के बिना पैसा देने से मना करने पर सुमित एवं उसके साथियों ने आशियाना पुलिस के सामने ही गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और गाड़ी की चाबी छीन ली।
घटना की जानकारी मिलते ही संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडे अपने व्यापारी साथियों गौरव, शीलेंद्र , परवीन, अंकुर, मनीष नितिन सचान नमन योगेश एवं आशियाना अध्यक्ष के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पुलिस प्रशासन के असंतोष जनक रवैये को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल 1076 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित द्वारा यह जानकारी दिए जाने पर कि पुलिस की मौजूदगी में ही ₹50,000 की मांग की गई, राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडे ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया। जब देखा कि व्यापार मंडल के लोग न्याय के लिए पीछे नहीं हटने वाले हैं तो
कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद अंततः अमित कुमार सिंह के गुर्गों को व्यापारी के पुत्र को गाड़ी की चाबी वापस करनी पड़ी।
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि इस अवैध वसूली गिरोह पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा व्यापारी समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

