28 जनवरी : रामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय। 🙏
रघुपति बिमुख जतन कर कोरी।
कवन सकइ भव बंधन छोरी ।।
जीव चराचर बस कै राखे।
सो माया प्रभु सों भय भाखे।।
( बालकांड 199/2-3)
जय सियाराम🙏🙏
श्री राम जी बाल लीला कर सबको आनंद दे रहे हैं। श्री राम जी से विमुख रहकर मनुष्य चाहे कोटि उपाय कर ले, उसका संसार बंधन नहीं छूट सकता है। जिसने चर अचर सब जीवों को अपने वश में कर रखा है वह माया भी श्री सीताराम जी से भय खाती है। इसलिए श्री सीताराम जी की भक्ति में लग जाना ही बुद्धिमानी है।
आत्मीय जन ! श्री राम विमुख संसार में बंधा रहता है जबकि श्री राम सनमुख संसार में रहते हुए भी संसार के बंधन में नहीं बँधता है, वह आनंद में रहता है, माया उसे परेशान नहीं कर पाती है । अतः संसार में रहते हुए आनंद से रहना है तो राम सनमुख होवें । अथ……श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

