रूस-यूक्रेन जंग : पाबंदियों का असर पश्चिमी देशों पर ही ज्यादा हो रहा, राष्ट्रपति पुतिन ने किया यह दावा

व्लादिमीर पुतिन

यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिम देशों व नाटो द्वारा रूस पर लगाई गई ऐतिहासिक व जबर्दस्त पाबंदियों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा दावा किया है। पुतिन ने कहा कि इन पाबंदियों का असर पश्चिमी देशों पर ही ज्यादा हो रहा है।

पुतिन ने गुरुवार को अपने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर मॉस्को में हुई एक बैठक में यह बात कही। 24 फरवरी को यूक्रेन पर धावा बोलने के बाद रूस पर पश्चिमी देशों ने कड़ी पाबंदियां लगाई हैं। पुतिन ने गुरुवार को कहा कि कई देश भुखमरी का सामना कर रहे हैं, यदि रूस पर पाबंदियां जारी रहीं तो यूरोपीय संघ को भी ऐसे अंजाम भोगना पड़ सकते हैं, जिन्हें बदलना मुश्किल होगा। इसके लिए पूरी तरह से पश्चिमी देशों का अभिजात्य वर्ग दोषी है, जो अपने वैश्विक प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए शेष दुनिया को छोड़ने पर मजबूर है।

बता दें, यूक्रेन पर रूसी हमले का दुनिया के आर्थिक हालात पर बुरा असर पड़ा है। दुनियाभर के देशों में ऊर्जा आपूर्ति,  उर्वरक आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा प्रभावित हुई है। इस संकट से सबसे कमजोर देश सबसे गंभीर रूप से प्रभावित हैं। वहीं, रूस आत्मविश्वास से बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है। जी-7 देशों और यूरोपीय संघ (ईयू) के अलावा अमेरिका ने रूस पर बुचा नरसंहार सहित यूक्रेन में अन्य जुल्मों को लेकर आर्थिक पाबंदियां लगाई हैं।
गत रविवार जी-7 ने यूक्रेन के खिलाफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा जंग छेड़ने की निंदा की थी। संगठन ने कहा कि इस जंग के कारण वैश्विक खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने रूस से कहा कि वह अपने वादे के अनुरूप लगाई गई आर्थिक नाकाबंदी व पाबंदियां हटाए ताकि यूक्रेन में खाद्य सुरक्षा व निर्यात बाधित न हो। जी-7 ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर रूस से आग्रह करते हैं कि वह आर्थिक व अन्य नाकेबंदी खत्म करे।
बता दें, रूस ने यूक्रेन के डोनेत्स्क व लुहांस्क को अलग देश के रूप में मान्यता देने के तीन दिन बाद 24 फरवरी को यूक्रेन के सैन्य ढांचे को तबाह करने के इरादे से सैन्य अभियान छेड़ा था। इसके जवाब में पश्चिमी देशों ने उस पर अब तक की सबसे गंभीर पाबंदियां लगाई हैं। उधर, करीब ढाई माह से जारी जंग का अब तक कोई अंत नजर नहीं आ रहा है।

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