आर एल पाण्डेय
लखनऊ। किसानों को दी जाने वाली एम.एस.पी. लागत मूल्य से लाभकारी रखते हुए कानून बनाकर वैधानिक रूप से अनिवार्य करे केन्द्र सरकार-
इससे कम पर किसी भी तरह के कानून से किसान का कोई भला होने वाला नहीं है।
एम.एस.पी. वैधानिक रूप से अनिवार्य होते ही जहाँ किसान सिर उठाकर स्वाभिमानपूर्वक जीवन जी सकेगा वहीं वह कृषि कार्य हेतु निजी कम्पनियों से किसी भी तरह की संविदा के लिए बाध्य भी नहीं होगा यहाँ तक कि वर्तमान तीनों कृषि कानून अनुपयोगी हो जाएंगे जिन्हें सरकार किसान हित में आसानी से वापस भी ले सकेगी जिससे निजी कम्पनियों द्वारा किसानों पर संभावित मनमानी करने का संशय भी स्वतः समाप्त हो जाएगा।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि किसान हित में मेरी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए केंद्र सरकार अविलम्ब कानून बनाकर लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य की एम.एस.पी. वैधानिक रूप में देश भर में अनिवार्य करेगी व देश के किसानों को निजी कम्पनियों के चंगुल में फंसने की संभावना से बचाएगी।

