अयोध्या।(सरवन कुमार नगर संवाददाता अयोध्या)
भगवान राम की धरती अयोध्या में एक आपसी एकता का नया इतिहास लिखा जाएगा।जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्च्छलानन्द सरस्वती के मार्ग-दर्शन में यूपी सहित देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले ब्रहमण और सनातन धर्मी संगठन एक मंच पर आकर अपनी ताकत की आवाज को बुलंद करेगे।यह पहला मौका है जब शंकराचार्य की अगुवाई में ब्रहमण तथा सनातन धर्म से जुटे संगटन एकजुट हो रहे है।अभी तक इस तरह के संगठन अलग-अलग बिखरे हुये थे।वही
ब्रह्म सागर संगठन द्वारा आयोजित सनातन धर्मियों के महासगम में हिस्सा लेने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्च्छलानन्द सरस्वती शुक्रवार को अपने अनुवाईयों के साथ अयोध्या आ चुके है।वह यहां तीन दिन प्रवास करके सनातन मिशन को नयी दिशा और धार देगे। यूपी के अलावा राजस्थान मध्य प्रदेश बिहार दिल्ली महाराष्ट्रा उडीसा गुजरात पश्चिम बंगल तथा उत्तरांचल सहित अनेक राज्यों के सनातन धर्मी संगठन के प्रतिनिधि शुक्रवार की देर शाम तक अयोध्या आ चुके थे। ब्रह्म सागर संगठन के अध्यक्ष कैप्टश्र एस के द्विेदी ने बताया कि मुख्य आयोजन श्रीरामकथा पार्क में कल 20 नवम्बर को रखा गया है।इसके लिये सरयू तट पर स्थित रामकथा पार्क को भव्य रूप से सजाया गया है।उन्होने बताया कि कल सुबह 10 बजे कार्यक्रम के पहले चरण में ज्योतिष शोध संस्थान, सप्त सरोवर कालोनी से श्री राम कथा पार्क तक चरण-पादुका शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह 11 बजे आगमन अनंत्श्रीविभूषित श्रीगोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु पुरीशङ्कराचार्य का माल्यार्पण, पूजन-वंदन होगा।श्री दिवेदी ने बताया कि श्रीमद जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्च्छलानन्द सरस्वती महाराज के आशीर्वचन उपस्थित संगठनों के प्रमुख व्यक्तियों का उदबोधन उपस्थित जन समूह द्वारा चनणपादुका पूजन व प्रसाद वितरण होगा।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में शाम 4 बजे अयोध्या समेत अन्य सभी प्रमुख धर्मस्थलियों से पधारे धर्माचार्यों का स्वागत वंदन अभिनन्दन ब्रम्हसागर संगठन के भविष्य के कार्ययोजना पर मंथन व विभिन्न संगठनो का परामर्श होगा। इसी दिन शाम 6 बजे अनंत्श्रीविभूषित श्रीगोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु पुरीशङ्कराचार्य के आशीर्वचन और उपस्थित सम्मानित व्यक्तियों को आशीर्वाद तथा अंग वस्त्रम व अन्य सम्मान दिया जाना है। शाम 7 बजे से भोजन प्रसाद का वितरण होगा।विदित हो कि ब्रहम सागर पूरी तरह गैर राजनीतिक संगठन है जो सभी धर्मो तथा राजनीतिक संगठनों का सम्मान करता है। संगठन का मुख्य मकसद टुकडों में बिखरी समाज की ताकत को एकजुट करके उसे सामाजिक न्याय दिलाने के साथ-साथ समाज को कमजोर वर्ग की मदद करके उसे आगे बढाना है।21 नवम्बर को शंकराचार्य जी अपने निवास पर गोष्ठी और दीक्षा के आयोजन मे रहेगे।22 नवम्बर का कार्यक्रम राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय मे 12 से 2 बजे तक होगा । शंकराचार्य स्वामी निश्च्छलानन्द सरस्वती दिनांक 23 नवम्बर को सायं 8 बजे रेलमार्ग से मुरादाबाद प्रस्थान करेगे।

