13 अगस्त- श्रीरामचरितमानसकी भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जड़ चेतन गुन दोषमय
बिस्व कीन्ह करतार ।
संत हंस गुन गहहिं पय
परिहरि बारि बिकार ।।
( बालकांड, दो. 6)
राम राम 🙏🙏
श्री मानस जी के आरंभ में ईश वंदना के उपरांत पूज्यपाद गोस्वामी श्री तुलसी दास जी कहते हैं कि विधाता ने इस जड़ चेतन संसार को गुण -दोषमय बना रखा है, किंतु संतरूपी हंस दोषरूपी जल को छोड़कर गुण रूपी दूध को ग्रहण करता है ।
आत्मीय जन ! संत तो वही है जो सत्संग करता है, सत्य का संग करता है, सत्य धारण करता है । श्री सीताराम जी परम सत्य हैं । श्री सीताराम जी की भक्ति में लगा ब्यक्ति ही तो संत है, श्री राम परायण ब्यक्ति ही जगत का दोष छोड़कर गुण ग्रहण करता है। अतः इस जगत में सुखी रहना है तो श्री सीताराम जी की भक्ति में लगें और संग करें तथा श्री सीताराम नाम का सुमिरन करते रहें। अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

