22 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
ब्यापि रहेउ संसार महुँ
माया कटक प्रचंड ।
सेनापति कामादि भट
दंभ कपट पाखंड ।।
( उत्तरकांड, दो. 71)
राम राम 🙏🙏
गरुड़ जी को उनका मोह दूर करने के लिए राम कथा सुनाने के बाद काकभुसुंडि जी कहते हैं कि संसार में माया ने अपनी सेना फैला रखी है , काम , क्रोध व लोभ उसके सेनापति हैं तथा दंभ , कपट एवं पाखंड उसके योद्धा हैं।
पूरे संसार में माया ने भले ही अपनी सेना तैनात कर रखी है पर हमें माया की सेना की चिंता करने के बजाय मायापति की सेना की ओर ध्यान करना चाहिए , तब माया हमारा कुछ भी बिगाड़ नहीं पाएगी । वह है मायापति के गुणों का सतत श्रवन, सुमिरन व भजन । अत: माया की सेना को परास्त करने के लिए, राम सुनें , राम स्मरें व राम गाएँ । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

