श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

21 नवम्बर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय। 🙏

करबि पायँ परि बिनय बहोरी
तात करिअ जनि चिंता मोरी
बन मग मंगल कुसल हमारें
कृपा अनुग्रह पुन्य तुम्हारें ।।
( अयोध्याकाण्ड 150/4)
राम राम 🙏🙏
राम जी को वन में पहुँचाकर सुमंत जी अयोध्या लौट आए हैं । दशरथ जी उनसे राम जी के बारे में पूछते हैं । सुमंत जी कहते हैं कि राम जी ने कहा है कि पिता जी से कहिएगा कि आप मेरी चिंता न करें , आपकी कृपा , अनुग्रह और पुण्य से वन में , मार्ग में हमारा कुशल -मंगल होगा ।
जिसके माता पिता पुण्यवान होते हैं , भगवान उनके बच्चों की रक्षा सुरक्षा हर जगह करते हैं। दशरथ जी न केवल परोपकारी हैं बल्कि राम प्रेमी हैं । राम प्रेमी के परिवार की सब जगह कुशल रहती है , अतएव दशरथ जी की तरह आचरण करें , राम जी से प्रेम करें अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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