30 जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सुर नर मुनि कोउ नाहिं
जेहि न मोह माया प्रबल ।
अस बिचारि मन माहिं
भजिअ महामाया पतिहि ।।
( बालकांड, दो. 140)
राम राम 🙏🙏
नारद मोह की कथा सुनाने के बाद शिव जी पार्वती जी से कहते हैं कि देवता , मनुष्य और मुनियों में ऐसा कोई नहीं है जिसे भगवान की प्रबल माया मोहित न कर दे । मन में ऐसा विचार कर महामाया के प्रेरक श्रीभगवान का भजन करना चाहिए ।
भगवान की बलवान माया से हम सब मोहित हैं । माया से पार पाना चाहते हैं तो मायापति का मन से संग करें और मायापति को भजें । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

