15 फरवरी – श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏
सत्य कहहिं कबि नारि सुभाऊ
सब बिधि अगहु अगाध दुराऊ ।।
निज प्रतिबिंबु बरुकु गहि जाई ।
जानि न जाइ नारि गति भाई ।।
( अयोध्याकाण्ड 46/4)
राम राम 🙏🙏
कैकेई ने दशरथ जी से रामजी को वनवास देने का वर माँग लिया है । यह बात पूरे अयोध्या में विष की तरह तुरत ही फैल गई है । नगर के स्री पुरुष आपस में बात कर रहें हैं व कैकेई को दोष दे रहें हैं । एक नगरवासी कहता है कि कवि सत्य कहते हैं कि स्त्री का स्वभाव हर प्रकार से पकड़ से बाहर होता है । अपनी परछाई भले ही पकड़ जाय , पर स्त्री के मन में क्या चल रहा है , यह पकड़ा नहीं जा सकता है ।
नारी का स्वभाव जैसा भी हो हमें उसपे ध्यान नहीं देना है कारण सब विधाता की रचना है । हमें स्वभाव समझना है तो राम जी का स्वभाव समझने का प्रयास करना चाहिए ( सुंदरकांड) । एकबार राम जी स्वभाव जान लिया तो किसी अन्य का स्वभाव जानने की आपको ज़रूरत नहीं पड़ेगी । अतएव ! राम जी का स्वभाव जानने में अपने को लगाए । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

