29 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
गुन तुम्हार समुझइ निज दोसा,
जेहि सब भाँति तुम्हार भरोसा ।
राम भगत प्रिय लागहिं जेही,
तेहि उर बसहु सहित बैदेही ।
( अयोध्याकाण्ड 130/2)
जय सियाराम🙏
श्री राम जी के रहने योग्य स्थान बताते हुए बाल्मीकि जी कहते हैं कि जो गुणों को आपका और दोषों को अपना समझता है, जिसे सब प्रकार से आपका भरोसा रहता है, श्री राम भक्त जिसे प्यारे लगते हैं, उसके हृदय में श्री सीता जी सहित आप वास करें ।
भक्तों, गुणों को प्रभु का मानना और दोषों का अपना मानना तथा हर प्रकार से श्री राम जी में भरोसा रखना हम सभी जिस दिन से शुरु कर देंगे उसी दिन से श्री सीताराम जी की सामीप्य हमें मिल जाएगी, इसमें लेशमात्र भी संदेह नहीं है । अतः श्री सीताराम जी के युगल चरणों में पूर्णतः समर्पित हो जाइए और आनन्दमय जीवन बिताइए साथ ही श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन होते रहना चाहिए….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम, सीताराम जय सीताराम, सीताराम जय सीताराम।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम
संकलन तरूण जी लखनऊ

