श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

25 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सकल सुमंगल दायक
रघुनायक गुनगान ।
सादर सुनहिं ते तरहिं
भव सिंधु बिना जलजान ।।
( सुंदरकांड , दो. 60)
जय सियाराम 🙏🙏
सुंदरकाड जी की फलश्रुति बताते हुए पूज्यपाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि श्री राम जी का गुणगान सब प्रकार से मंगल नहीं सकल सुमंगल करता है तथा जो भी श्री राम गुणगान को आदरपूर्वक सुनेंगे वे भी भव सागर बिना किसी साधन के ही पार हो जाएँगें ।अतः आप सब प्रकार से अपना सुमंगल चाहते हैं तो बस श्री राम गुणगान करें व श्री राम गुणगान सुनें, सभी प्रकार से कल्याण होगा । इसके लिए साधन रूप में श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करना पड़ेगा…..अथ ! श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम मंगलकारी , अवधविहारी सीताराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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