24 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
रामचरित चिंतामनि चारु ।
संत सुमति तिय सुभग सिंगारू
जग मंगल गुनग्राम राम के ।
दानि मुकुति धन धरम धाम के ।।
( बालकांड 31/1)
राम राम 🙏🙏 श्री रामचरित मानस जी के आरंभ में नाम वंदना के उपरांत पूज्यपाद गोस्वामी जी कहते हैं कि श्री राम जी का चरित्र सुंदर चिंतामणि है और संतों का यह सुंदर श्रृंगार है। श्री राम जी के गुण समूह जगत् का कल्याण करने वाले और मुक्ति, धन , धर्म व परमधाम देने वाले हैं ।
आत्मीय जनों, श्री राम चरित चिंतामणि की तरह समस्त इच्छा पूरी करने वाला रत्न है । जिसने भी इसे धारण किया उसने मुक्ति, धन, धर्म और परम धाम पाया। अतः श्री राम जी का आदर्श अपनाएँ व श्री राम चरित का गुणगान करें और अपना सर्व कल्याण पाएँ । अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम। जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम जय रघुनंदन जय सियाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

