श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

8 दिसम्बर-श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

राम भगति निरुपम निरुपाधी
बसइ जासु उर सदा अबाधी ।
तेहि बिलोकि माया सकुचाई ।
करि न सकइ कछु निज प्रभुताई
( उत्तरकांड 115/3-4)
राम राम जी 🙏🙏काकभुसुंडि जी गरुड़ जी को श्री राम भक्ति का प्रभाव बताते हुए कहते हैं कि जिसके हृदय में विशुद्ध श्री राम भक्ति बिना किसी बाधा के बसती है, उसे देखकर माया संकोच करती है और उस पर अपना कुछ भी प्रभाव नहीं दिखा पाती है ।
बंधुवर ! श्री राम भक्ति माया को दूर भगाती है क्योंकि श्री राम भक्त के पास माया ठहरतीं नहीं है । अतः श्री राम जी की विशुद्ध भक्ति अपने हृदय में धारण करें एवं माया के प्रभाव से मुक्त रहें। अथ… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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