9 जन, श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बहुत कीन्ह प्रभु लखन सियँ
नहिं कछु केवट लेइ ।
बिदा कीन्ह करुनायतन ।
भगति बिमल बरु देइ ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. 102)
राम राम जी🙏🙏
श्री राम जी के चरण धोकर केवट ने श्री राम भैया लक्ष्मण माता सीता जी को गंगा पार उतार दिया है । श्री राम जी उसे उतराइ देने लगते हैं, वह लेता नहीं है । श्री राम माता सीता और भैया लक्ष्मण ने बहुत आग्रह किया पर केवट कुछ नहीं लेता है तब श्री राम जी ने उसे निर्मल भक्ति का वर देकर विदा किया ।
आत्मीय जन ! श्री राम जी की कृपा पाना चाहते हैं तो ईमानदारी से केवल अपना कर्म कीजिए, बिना फल की इच्छा रखते हुए अपना कर्म करते रहिए, और श्री राम जी के कृपा की अनुभूति कीजिए। अथ….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

