संत निरंकारी मिशन द्वारा रामघाट, पर की गई सफाई

निरंकारी मिशन के ‘प्रोजेक्ट अमृत’ ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’, का सफल आयोजन ‌।

संत निरंकारी मिशन द्वारा रामघाट, पर की गई सफाई।

जल परमात्मा का वरदान है, हमें इस अमृत की संभाल करनी है

जौनपुर, 23 फरवरी 2025, संत निरंकारी मिशन की सेवा भावना और मानव कल्याण के संकल्प को साकार करने हेतु आज ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत स्वच्छ जल, स्वच्छ मन, परियोजना के तृतीय चरण को साकार रूप देने के लिए गोमती नदी के तट ‘रामघाट’पर सफाई कार्य का शुभारंभ इंद्र नंदन सिंह (नगर मजिस्ट्रेट) द्वारा किया गया ‌। प्रातः 7:00 बजे से 10:00 बजे तक सैकड़ो की संख्या में संत निरंकारी मिशन के सेवादारों व श्रद्धालुओं द्वारा महात्मा श्यामलाल साहू जी (संयोजक) व अमरनाथ विश्वकर्मा जी (क्षेत्रीय संचालक), के नेतृत्व में सफाई का कार्य किया गया।

इसके अलावा प्रोजेक्ट अमृत परियोजना के तहत जौनपुर जोन के 43 शाखाओं में अलग-अलग जगह नदी, घाट, तालाबों पर सभी शाखाओं के मुखी महात्मा, संचालक, शिक्षक, सहित सेवा दल के भाई-बहन व संगत के महात्मा इस स्वच्छता अभियान में सम्मिलित होकर सफाई का कार्य किये। शाहगंज क्षेत्र का नेतृत्व क्षेत्रीय संचालक राजेश प्रजापति जी ने किया।

बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित यह परियोजना देश भर में 27 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 900 से अधिक शहरों में 1600 से भी अधिक स्थानों पर 10 लाख से भी अधिक स्वयंसेवकों के सहयोग से एक साथ विशाल रूप में आयोजित की गई।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन संदेशों को बताते हुए स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने बताया कि जीवन में जल का बहुत महत्व है और यह अमृत समान है। जल हमारे जीवन का मूल आधार है। परमात्मा ने हमें यह जो स्वच्छ है एवं सुंदर सृष्टि दी है इसकी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है। मानव रूप में हमने ही इस अमूल्य धरोहर का दुरुपयोग करते हुए इसे प्रदूषित किया है। हमें प्राकृतिक को उसके मूल स्वरूप में रखते हुए उसकी स्वच्छता करनी होगी। हमें अपने कर्मों से सभी को प्रेरित करना है न कि केवल शब्दों से। कण-कण में व्याप्त परमात्मा से जब हमारा नाता जुड़ता है और जब हम इसका आधार लेते हैं तब हम इसकी रचना के हर स्वरूप से प्रेम करने लगते हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि जब हम इस संसार से जाएं तो इस धरा को और अधिक सुंदर रूप में छोड़कर जाएं।

कार्यक्रम के समापन पर सम्मिलित हुए अतिथि गणों ने मिशन की भूरि भूरि प्रशंसा की और साथ ही निरंकारी सद्गुरु माता जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मिशन ने जल संरक्षण एवं जल स्वच्छता की इस कल्याणकारी परियोजना के माध्यम से निश्चित ही प्रकृति संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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