सरकार का दावा फैल नहीं मिला आवास मुश्किलों में कट रही जिंदगी
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कई बार फार्म भरा गया लेकिन आवास नहीं मिल पाया।
रिपोर्ट नीतीश जायसवाल आजमगढ़
आवास के नाम पर लिया गया पैसा लेकिन नहीं मिला आवास।
जनचर्चा में उठी आवाज जो भी लोग पैसा लिए है उनके विरुद्ध हो कार्यवाही
आज भी मदद के इंतजार में, लेकिन नहीं मिल पा रही मदद।
आज़मगढ़: अजमतगढ़ विकासखंड के पारी पट्टी ग्राम सभा निवासी सुभाष पुत्र स्वर्गीय बहादुर आज भी कच्चे और टूटे हुए मकान में रहने को मजबूर है। सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ सुभाष को नहीं मिल पा रहा। सुभाष बताते हैं कि परिवार में 8 लोग हैं, चार लड़कियां और दो लड़के, इसके अलावा सुभाष और उनकी पत्नी, बच्चों की अभी शादी नहीं हुई है। और वह इसी घर में रहते हैं, बरसात आती है तो इस छप्पर से पानी टपकने लगता है। आर्थिक तंगी के चलते अभी तक सुभाष अपना मकान नहीं बनवा पाए। उन्होंने कई बार आवास के लिए फार्म भी भरा और कुछ जिम्मेदारों ने आवास के नाम पर सुभाष से पैसा भी ले लिया, लेकिन अभी तक सुभाष को आवास नहीं मिल पाया आज भी सुभाष किसी मदद के इंतजार में है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों के लिए आवासीय योजनाएं संचालित की गई लेकिन उन योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है बीच में ही अपात्रों को इसका लाभ दे दिया जा रहा है। कुछ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से गरीब और बेसहारों का हक छीन लिया जाता है। और जो अपात्र होता है, उसको योजना का लाभ दे दिया जाता है। गरीब जिसके रहने के लिए ढंग का घर ना हो, छप्पर बरसात के पानी में टपक रहा हो, उसकी सुनने वाला कोई नहीं है और ठीक उसी का उदाहरण पारी पट्टी गांव निवासी सुभाष हैं।

