सऊदी अरब की एक अदालत ने सोशल मीडिया इस्तेमाल कर देश को नुकसान पहुंचाने पर महिला नॉरा बिन्त सईद अल-खातनी को 45 साल जेल की सजा सुनाई है। एक महीने में यह दूसरा मामला है, जिसके कारण सऊदी अरब सवालों के घेरे में है। सऊदी अरब की सबसे बड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाली नॉरा के खिलाफ कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
अदालती कागजात के मुताबिक, नॉरा पर सोशल मीडिया इस्तेमाल का आरोप है। मानवाधिकार संगठनों के पूछने पर सऊदी अरब के अधिकारियों ने विवरण नहीं दिया। नॉरा को आतंकवादरोधी और साइबरक्राइम कानूनों के तहत सजा सुनाई गई है। आम तौर पर राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत ने दोषी ठहराए जाने के खिलाफ नॉरा की अपील पर सुनवाई के दौरान यह सजा सुनाई। उस पर एकजुटता और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि साफ नहीं है कि नॉरा ने क्या ऑनलाइन पोस्ट किया था। उसकी सुनवाई वाले स्थान की भी जानकारी नहीं मिली है।
पिछले साल जुलाई में हुई थी गिरफ्तार
सऊदी अरब के आलोचक वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार संगठन ‘डेमोक्रेसी फॉर द अरब वर्ल्ड नाव’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उसे 4 जुलाई 2021 को गिरफ्तार किया गया था। संगठन के शोध निदेशक एलिसन मैकमेनस ने कहा, इस तथ्य की अनदेखी नहीं की जा सकती कि जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में प्रिंस मोहम्मद की स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

