अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली के निर्देशनानुसार उ0प्र0 राज्य महिला आयोग, लखनऊ की मा0 सदस्य श्रीमती गीता बिन्द जी द्वारा 13 मार्च 2026 को जनपद जौनपुर के निरीक्षण भवन में जिलाधिकारी जौनपुर की ओर से नामित उप जिलाधिकारी न्यायिक, मड़ियाहूँ शिल्पी एरन सहित अन्य की उपस्थिति में महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा/महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया।
जनसुनवाई में कुल 07 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रसारित किया गया।
इस अवसर पर मा0 सदस्य श्रीमती गीता बिन्द जी ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय से न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर महिलाओं से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर और अन्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक महिलाएं इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
समीक्षा बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी अरुण कुमार यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय, सहायक श्रमायुक्त देवव्रत यादव, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा शोभा तिवारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी नगर अभिषेक द्विवेदी, बाल संरक्षण अधिकारी चन्दन राय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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जौनपुर 13 मार्च 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-03
जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में जनपद के होटल/रेस्टोरेन्ट संचालकों, एल0पी0जी0 कम्पनियों के जनपद स्तरीय बिक्रय अधिकारियों एवं खाद्य तथा रसद विभाग व खाद्य एवं औषधि प्रशासन से सम्बन्धित समस्त अधिकारियों के साथ एक आवश्यक बैठक आहूत की गयी।
बैठक में वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में उत्पन्न ईधन आपूर्ति विषयक कठिनाओं के निवारण हेतु जिलाधिकारी ने समस्त होटल/रेस्टोरेन्ट संचालकों से कहा कि एल0पी0जी0 पर आधारित ईधन की खपत को न्यूनतम स्तर पर रखना सुनिश्चित करें, जिसके लिए सम्भावित अन्य विकल्पों पर कार्य करें। समस्त होटल/रेस्टोरेन्ट संचालकों को निर्देशित किया कि घरेलू गैस सिलण्डरों का उपयोग किसी भी दशा में व्यवसायिक स्थलों पर न किया जाए, ऐसा करना गैर कानूनी है। अपने प्रतिष्ठानों पर अपारंपरिक ऊर्जा स्त्रोंतो यथा-सौर ऊर्जा पर आधारित उपकरणों का अधिकतम उपयोग करें, आवश्यकतानुसार विद्युत आधारित उपकरण, लकड़ी, कोयला आदि का भी प्रयोग कर सकते है। पके हुए भोज्य सामग्री को बार-बार गरम करने जैसी गतिबिधियों पर अंकुश लगाते हुए ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए। खाद्य तथा रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि घरेलू गैस से दुरूपयोग को रोकने हेतु सतत प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने अपील किया कि ईधन आपूर्ति सम्बन्धी किसी भी सूचना/अफवाह पर ध्यान न दे। सभी उपभोक्ताओं को ईधन आपूर्ति समयबद्ध सुनिश्चित कराये जाने हेतु शासन/प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील व कटिबद्ध है। उपभोक्तागण किसी भी प्रकार के अफवाह से प्रभावित न हो, अनावश्यक रूप से गैस सिलेण्डर एवं डीजल पेट्रोल आदि का संग्रहण न करें। यह सूचना जिला प्रशासन द्वारा जनहित में जारी है।
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