अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरों चीफ अयोध्या)जिले के थाना हैदरगंज क्षेत्र के चौबेपुर (जाना बाजार) निवासी बाबू राम चन्द्र लाल श्रीवास्तव जहां एक ओर सरकारी नौकरी करते हुए अपने विभाग में सादगी के साथ-साथ शालीनता का मिसाल पेश किया वही दूसरी तरफ अपने पैतृक गांव चौबेपुर जाना बाजार में भी अपने सामाजिक कार्य के चलते काफी चर्चा में रहे।जिनका देहांत आज के दिन 17 मार्च 2014 को दोपहर एक बजे होली के दिन कोतवाली नगर के अश्वनीपुरम कालोनी में स्थित उनके आवास पर हो गया था।परंतु आज भी समाज में उनके द्वारा किये गये कार्यो की चर्चा समाज में होती है।इसका पता इसी बात से चलता है कि अभी भी जब भी कोई इनके विभाग जल निगम द्वितीय निर्माण शाखा में जाता है या फिर इनके पैतृक गांव चौबेपुर जाना बाजार जाता है तो सभी लोग एक ही बात कहते हैं की जो बात बाबू राम चंद्र लाल में रही वह किसी में नहीं।सूत्रों के मुताबिक जिस दिन इनकी मृत्यु होली के ठीक दोपहर 1:00 बजे इनके निवास अश्वनी पुरम कॉलोनी में हुई उसी समय लोगों ने एक ही वाक्य कहा कि बाबू राम चंद्र लाल जैसे सामाजिक प्राणी क्षेत्र में कभी-कभी ही मिलते हैं मालूम हो कि राम चंद्र लाल श्रीवास्तव का जन्म अयोध्या जनपद के थाना हैदरगंज क्षेत्र के चौबेपुर जाना बाजार में एक कायस्थ परिवार में हुआ था।इनके पिता जी स्वर्गीय धर्म किशोर लाल श्रीवास्तव वायुसेना विभाग में कार्यरत रहे और इनकी माता जगपति श्रीवास्तव एक ग्रहणी के रूप में भूमिका निभाई।रामचंद्र लाल शुरू से ही जहां एक ओर अपने पैतृक गांव व आसपास में अपने सामाजिक कार्यों के चलते चर्चा में रहे।उन्होने जल निगम में नौकरी किया और वर्ष 2005 में अयोध्या जनपद में स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम द्वितीय निर्माण शाखा रिटायर्ड हुये।उसके बाद वे गाँव के लोगो के कहने पर चुनाव लडा़ और जीते भी।इनके मृत्यु की खबर सुनते ही जल निगम विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ साथ उनके पैतृक गाँव के लोगों में शोक की लहर दौड़ पड़ी।आज भी इनके पैतृक गांव के लोग और जल निगम विभाग में इनके समय में कार्यरत रहे कर्मचारी यही बात कहते हैं कि जो शालीनता व सादगी बाबू राम चंद्र लाल में रही वह काबिले तारीफ रही।जिसके चलते आज भी लोग इन्हें इनको याद करते हैं।

