अयोध्या।(डा.अजय तिवारी जिला संवाददाता)अवाम का सिनेमा आयोजन समिति द्वारा बुधवार की दोपहर 15वां अयोध्या फिल्म फेस्टिवल के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन आईटीआई सभागार में किया गया। अयोध्या फिल्म समारोह के संस्थापक शाह आलम ने कहा कि इस वर्ष आजादी का हीरक वर्ष चल रहा है इस लिहाज से यह आयोजन यादगार साबित होगा। सूबे में सबसे पहले शुरू हुए इस फिल्म समारोह के 15वें संस्करण के आयोजन से देश-विदेश के सरोकारी फिल्मकारों के बीच अयोध्या से स्वर्णिम खिड़की खुलेगी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित होने वाले अयोध्या फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर के विमोचन के दौरान विभिन्न विभागों के शिक्षक और कर्मचारियों के अलावा अवाम का सिनेमा के सदस्य भी मौजूद रहे। जिसमें प्रमुख रूप से अयोध्या मंडल के संयुक्त निदेशक डी.के. सिंह, आईटीआई प्रिंसपल इं. के.के. लाल, डॉ. सम्राट अशोक मौर्य, सूर्यकांत पांडेय, ओमप्रकाश सिंह, अनिल कुमार श्रीवास्तव, कश्यप कांत मिश्र, आशीष अग्रवाल, धर्मेंद्र कुमार, सूरज यादव, आचार्य नारायण मिश्र, शाह आलम, अंतरिक्ष श्रीवास्तव की मौजूदगी रही। आयोजक मंडल ने बताया कि पोस्टर रिलीज होने के साथ ही समारोह की तैयारियां अब गति पकड़ ली है। आयोजन में देश विदेश से आने वाले सिनेमा और साहित्य जगत की हस्तियों के साथ ही फिल्मों का मेला भी अब सजने वाला है। जहां कला माध्यमों को समेटे विभिन्न आयोजन होंगे। कुछ इस तरह शुरू हुआ सिलसिला, आयोजक शाह आलम बताते हैं कि अवाम का सिनेमा के 16 वर्ष कुछ कम नहीं होते, इसके सफरनामे की शुरुआत 28 जनवरी 2006 को अयोध्या से हुई थी। तब डॉ. आरबी राम ने तीन सौ रुपये का आर्थिक सहयोग देकर क्रांतिवीरों की यादों को सहेजने की इस पहल का स्वागत किया था। आजादी आंदोलन के योद्धा और कानपुर बम एक्शन के नायक अनंत श्रीवास्तव के सुझाव पर बना इसका संविधान तो प्रसिद्ध और सरोकारी डिजाइनर अरमान अमरोही ने इसका लोगो बनाया। सोलह वर्षों में देश-दुनिया की बहुत सारी शख्सियतें इसकी गवाह बनीं, फिर भी वह दौर आसान नहीं था। बावजूद इसके अयोध्या से लेकर चाहे चंबल का बीहड़ हो, राजस्थान का थार मरुस्थल या फिर सुदूर कारगिल, अवाम का सिनेमा पुरजोर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए राजनीति, समाज सबकी सच्चाइयों को सरोकारी सिनेमा के जरिये समाने लाने की कोशिश में लगातार लगा हुआ है।

