अयोध्या।(डा.आलोक श्रीवास्तव संवाददाता अयोध्या)
जिले के रुदौली विधानसभा में इस समय काफी दिल चस्प मुकाबला हो सकता है।सूत्र के मुताबिक समाजवादी पार्टी की आंतरिक कलह और लंबी खींचतान के बाद अंततः आनंद सेन यादव ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में रुदौली विधानसभा से नामांकन किया।वही उनके सामने भारतीय जनता पार्टी से दो बार विधायक रहे रामचंद्र यादव जहां कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।वही वे अपनी
शालीनता और सौम्यता के लिए जाने जाने वाले अब्बास अली जैदी रूश्दी मियां नेआखिरी क्षण में बहुजन समाज पार्टी से टिकट लेकर नामांकन दाखिल कर सबको चौंका दिया।राजनीतिक पंडितों ने भी इस पर आश्चर्य व्यक्त किया है।आपको बताते चलें कि रूदौली में सबसे अधिक दलित और मुस्लिम मतदाता ही हैं यदि रुश्दी मियां दलित और मुस्लिम कंबीनेशन को अपने साथ जोड़ने में सफल होते हैं ,तो रुदौली में बसपा का खाता खुल सकता है वही राजनीति के अन्य दोनों धुरंधरों के लिए कड़ी चुनौती पेश हो सकती है वैसे रामचंद्र यादव वहां के सेटिंग विधायक हैं और उनका एक अपना अलग जनाधार है हर जाति वर्ग में उनके समर्थक मौजूद हैं लेकिन यह भी कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भारतीय जनता पार्टी में ही उनके विरोधियों की भरमार है ब्लाक प्रमुख सरबजीत सिंह का खेमा लगातार उनके विरोध पर उतारू है इसी तरह की चर्चाएं दूसरे ब्लॉक प्रमुख और पार्टी के अन्य नेताओं की ओर से भी देखने को मिल रही है भाजपाईयों की नाराजगी और धुरंधरों का ध्रुवीकरण रुश्दी मियां के पक्ष में हुआ तो उनका चुनाव सबसे मजबूत हो जाएगा और यदि भाजपा में वर्तमान विधायक का विरोधी खेमा आनंद सेन के साथ लगता है तो वो भी मजबूत दावेदारी पेश करेंगे अब तक निर्णायक रहे यादव मतदाता इस बार गुटों में बंटे हुए नजर आएंगे क्योंकि मित्र सेन यादव के मानने वाले रुधौली में कम नहीं है और आनंद सेन यादव की भी अपनी रुदौली में जमीन है जहां से लोकसभा चुनाव में उन्होंने अच्छा मत प्राप्त किया था देखना होगा कि अब 10 मार्च को नतीजे क्या आते हैं।वैसे पूरे जनपद में यदि कहीं त्रिकोणीय मुकाबला साफ-साफ दिखाई पड़ रहा है तो वह रुदौली विधानसभा की सीट है।

