उच्च अधिकारियों के आदेश को भी नही मानते चरगांवा विकास खण्ड के जिम्मेदार अधिकारी

डीकेयू गोरखपुर ब्यूरो राजनारायण ओझा

चरगांवा.

चिलुआताल थाने के परमेश्वरपुर गांव में परफार्मेंस ग्रांट के मामले में जिम्मेदार बनाए गए ब्लाक के पूर्व एडीओ पंचायत श्रीकृष्ण वर्मा एवं परमेश्वरपुर की पूर्व प्रधान रेनू देवी, उनके पति उमेश पासवान, तत्कालीन सचिव राजकिशोर सिंह सहित अन्य लोगों पर अभी तक खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) या एडीओ पंचायत की ओर से एफआइआर दर्ज नहीं करायी जा सकी है। जबकि एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश जिलाधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) की ओर से गत माह के अंत मे ही दिया जा चुका है। एफआइआर दर्ज कराने का प्रयास चिलुआताल थाने के प्रभारी निरीक्षक द्वारा करते हुए कई बार तहरीर के लिए खण्ड विकास अधिकारी चरगांवा से पत्राचार किया गया प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक चरगांवा विकास खण्ड के किसीं जिम्मेदार अधिकारी द्वारा मुझे अब तक तहरीर नही मिली हैं यदि प्रभारी निरीक्षक चिलुआताल जय नारायण शुक्ल के दावे सही हैं तो इससे यह साफ जाहिर होता हैं कि चरगांवा विकास खण्ड के जिम्मेदार अधिकारी जिलाधकारी सहित अपने ही विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों के आदेश को नही मानते है हैं जबकि तहरीर अब तक न दिए जाने के सवाल पर ए डी ओ पंचायत राजेन्द्र कुमार गुप्ता का कहना हैं कि मैं तहरीर लेकर चिलुआताल थाने गया था मुझे वापस कर दिया जबकि प्रभारी निरीक्षक चिलुआताल जय नारायण शुक्ल का कहना हैं कि मेरे पास चरगांवा विकास खण्ड का कोई जिम्मेदार अधिकारी या ब्लॉक कर्मी तहरीर लेकर नही आया मेरे जानकारी के मुताबिक किसीं अन्य के तहरीर पर चिलुआताल थाने अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत परमेश्वर पृरे परफॉर्मेंस ग्रांट घोटाले का मामला शाहपुर थाने में दर्ज हो गया हैं इसकी पुष्टि थानेदार शाहपुर दुर्गेश सिंह ने करते हुए कहा कि तहरीर चरगांवा विकास खण्ड का कोई अधिकारी नही दिया था बल्कि एक अन्य व्यक्ति के द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत हुआ हैं।
चिलुआताल थाने के चररगांवा ब्लाक के की जो ग्राम पंचायत परमेश्वरपुर में परफार्मेंस ग्रांट का क्ष हों। करीब 49 लाख 99 हजार रुपया गलत तरीके से निकाल लिया गया था। इस मामले की जांच जिलाधिकारी की ओर से गठित तीन सदस्यीय क की कमेटी ने की थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी रहे के. विजयेंद्र पाण्डियन ने 22 जुलाई को एफआइआर दर्ज कराने का आदेश् दिया गया जिलाधिकारी के बाद डीपीआरओ की ओर से भी दिया जा चुका है । इधर 21 अगस्त को डीपीआरओ हिमांशु शेखर ने चरगांवा के एडीओ पंचायत राजेन्द्र कुमार गुप्ता को आरोपितों पर एफआइआर कराने निर्देश दिया था। लेकिन ब्लॉक व पुलिस के बीच मामला फंसा है।

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