उर्वरक बिक्री में अनियमितता पर कार्रवाई, चार समितियों व 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस

उर्वरक बिक्री में अनियमितता पर कार्रवाई, चार समितियों व 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस
गोरखपुर ब्यूरो चीफ आशुतोष चौधरी
जिले में उर्वरक बिक्री में अनियमितताओं पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि आकस्मिक निरीक्षण और आईएफएमएस पोर्टल पर बिक्री की जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद तीन समितियों, एक एग्री जंक्शन और 10 निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आकस्मिक निरीक्षण में खुली गड़बड़ियां
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि 30 अगस्त 2025 को जिले की विभिन्न समितियों और निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं।
कार्रवाई की गई समितियां और एग्री जंक्शन :
एम-पैक्स लि. लंगड़ी गुलरिहा भटहट – अन्य जनपद के कृषकों को उर्वरक बिक्री
एम-पैक्स लि. जंगल डूमरी नं.-2 भटहट – समय पर समिति न खोलने के कारण
एम-पैक्स लि. समदार खुर्द भटहट – समय पर समिति न खोलने के कारण
मेसर्स वन स्टाफ शॉप एग्री जंक्शन बंगला भटहट – अन्य जनपद के किसानों को उर्वरक बिक्री
आईएफएमएस पोर्टल पर भी खुली पोल
01 सितम्बर 2025 को आईएफएमएस पोर्टल पर 24 से 31 अगस्त 2025 तक की बिक्री सूची की समीक्षा में पाया गया कि 10 निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों ने कृषक जोत के अनुसार यूरिया की बिक्री नहीं की। एक ही किसान को 5 से 21 बोरी तक यूरिया बेचे जाने की पुष्टि हुई है।

नोटिस पाने वाले प्रतिष्ठान :
मेसर्स मौर्या ट्रेडिंग कम्पनी, रसूलपुर सोनबरसा (सहजनवा)
मेसर्स राहुल ट्रेडर्स, महदेवा बाजार (खजनी)
मेसर्स किसान सेवा केन्द्र, देईडीहा (गोला)
मेसर्स अम्बे खाद भण्डार, गगड़ा (सरदारनगर)
मेसर्स अर्थव ट्रेडर्स, जगदीशपुर भलुआन (कौड़ीराम)
मेसर्स गोस्वामी खाद भण्डार, दुघरा (खजनी)
मेसर्स जनता खाद भण्डार, धूरियापार (उरूवां)
मेसर्स नवीन खाद भण्डार, राजी राजधानी (ब्रम्हपुर)
मेसर्स खाद भण्डार, बेलीपार (कौड़ीराम)
मेसर्स मौर्या बीज भण्डार, सिसवा सोनबरसा (सहजनवा)

अग्रिम आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा व्यवसाय

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इन प्रतिष्ठानों द्वारा की गई बिक्री उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और शासनादेशों के प्रावधानों के खिलाफ है। इसी वजह से इनके उर्वरक व्यवसाय को अग्रिम आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया गया है।
साथ ही, 5 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर स्पष्टीकरण न मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों की आईडी ब्लॉक कर दी जाएगी और उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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