ऑपरेशन बाद सफाइकर्मी की मौत, जाम लगाने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग

ऑपरेशन बाद सफाइकर्मी की मौत, जाम लगाने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग

गोरखपुर ब्यूरो चीफ आशुतोष चौधरी

बांसगांव के राउतपार की गीता का माल्हनपार के चंद सेवा आश्रम अस्पताल चल रहा था उपचार

स्वजन ने चिकित्सक पर लापरवाही का लगाया आरोप, डाक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही पुलिस

गोरखपुरः उरुवा बाजार माल्हनपार स्थित चंद सेवा आश्रम अस्पताल में आपरेशन के बाद महिला सफाईकर्मी की मंगलवार को मौत से हंगामा मच गया. आक्रोशित ग्रामीणों और स्वजन ने अस्पताल के सामने सड़क पर शव रख जाम लगा दिया. अस्पताल

संचालक डा. मदनेश्वर चंद के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे. सूचना पर पहुंची बांसगांव थाना पुलिस ने डाक्टर को हिरासत में लेकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की. नहीं मानने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम हटाया. स्वजन

ने थाने में तहरीर दे दी है.

बच्चेदानी में बताया ट्यूमर

बांसगांव के राउतपार निवासी गीता देवी उरुवा ब्लाक में सफाइकर्मी पद पर तैनात थीं. पति ब्रम्हदेव के अनुसार गीता देवी को पेट दर्द की

शिकायत थी. 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे इलाज के लिए उन्हें चंद सेवा आश्रम अस्पताल, माल्हनपार ले गए, डा. मदनेश्वर चंद ने जांच के बाद बताया कि बच्चेदानी में ट्यूमर है और आपरेशन करना पड़ेगा. एक लाख रुपये खर्च बताते हुए 30 हजार रुपये अग्रिम जमा कराए गए, उसी रात डाक्टर ने सहयोगियों के साथ आपरेशन किया और चार दिन तक रोगी को अस्पताल में रखा गया.

प्रारंभिक इलाज में लापरवाही

पति का आरोप है कि उपचार के दौरान गीता देवी की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन डाक्टर ने घर ले जाने की अनुमति नहीं दी. 25 अक्टूबर को बिना जानकारी दिए गीता को आनंदलोक अस्पताल, गोरखपुर

भेजा गया, जहां 75 हजार रुपये और जमा कराए गए, अगले दिन डाक्टरों ने हालत गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन वहां डाक्टरों ने कहा कि प्रारंभिक इलाज में लापरवाही बरती गई है. इसी बीच मंगलवार की सुबह 8:30 बजे गीता देवी की मौत हो गई. स्वजन और ग्रामीण दोपहर 3:30 बजे शव लेकर चंद सेवा आश्रम के बाहर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया. भीड़ ने डाक्टर के विरुद्ध नारेबाजी की. सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहले जाम लगाए स्वजन और ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए समझाने की कोशिश की. लेकिन, ग्रामीण आक्रोशित हो गए और डाक्टर पर हत्या का आरोप लगाते हुए उसकी तरफ दौड़े. स्थिति बिगड़ने पर डा. मदनेश्वर चंद को हिरासत में लेकर पुलिस थाने ले गई.

ग्रामीणों पर लाठीचार्ज

ग्रामीणों का आरोप है कि अंधेरा होते ही पुलिस ने उनके ऊपर लाठीचार्ज कर दिया और शव को जबरन पोस्टमार्टम के लिए आटो से भेज दिया. बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह ने स्वजन से बातचीत कर कार्रवाई का आश्वासन दिया और जांच शुरू कराने की बात कही. सीओ बांसगांव अनुज कुमार सिंह ने बताया कि महिला के स्वजन की तहरीर पर आरोपों की जांच की जा रही है. डा. मदनेश्वर से पूछताछ चल रही है. सीएमओ को अस्पताल और डाक्टर की डिग्री की जांच के लिए पत्र लिखा गया है. राहगिरों की बाइक तोड़ने और दुकानों का सामान फेंकने पर पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को हटाया.

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