
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को जम्मू कश्मीर में होंगे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रधानमंत्री का यह पहला जम्मू कश्मीर दौरा है। मोदी यहां पंचायती राज दिवस पर सांबा जिले के पल्ली गांव में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री के दौरे से दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर स्थित चठ्ठा कैंप के पास केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से भरी बस पर आतंकियों ने हमला किया। घटना के वक्त सीआईएसफ की बस 15 जवानों को ड्यूटी पर ले कर जा रही थी।
इस हमले में सीआईएसएफ के एक जवान शहीद हो गए, जबकि छह अन्य घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी भी ढेर हो गए। शुक्रवार को ही जम्मू कश्मीर के सुजवां में एक सुरक्षाबलों ने एक ऑपरेशन को अंजाम दिया। इसमें भी चार आतंकी ढेर हो गए। इस तरह एक दिन के अंदर सुरक्षाबलों ने छह आतंकियों को मार गिराया।
आइये समझते हैं कि घाटी में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकी घटनाएं घटीं या बढ़ीं? आतंकी हमलों में कितने आम लोगों की जान गई? इन घटनाओं में कितने आतंकी मारे गए और कितने जवान शहीद हुए?
अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकी घटनाएं बढ़ीं या घटीं?
बौखलाए आतंकी आम लोगों को बना रहे निशाना 
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से आतंकवादी बौखलाए हुए हैं। इस बौखलाहट में आम लोगों को ज्यादा निशाना बना रहे हैं। 2017 से लेकर चार अगस्त 2019 तक यानी तीन साल में जहां आतंकी हमलों में 86 लोगों की मौत हुई है, वहीं अनुच्छेद 370 हटने के बाद यानी पांच अगस्त 2019 से लेकर 26 जनवरी 2022 तक 109 लोग इन घटनाओं में मारे गए।

