कायस्थ समाज जौनपुर का होली मिलन समारोह स्थगित
कई कायस्थ परिवार में देहान्त पर होली मिलन स्थगित हुआ ।
सभी संगठन के जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारी ने लिया सामूहिक निर्णय
लगातार युवाओं के निधन पर कायस्थ समाज जौनपुर में शोक व्याप्त है।
जौनपुर। 6 मार्च –श्री चित्रगुप्त भगवान पूजन महासमिति जौनपुर के संयोजक सरस चन्द श्रीवास्तव वरिष्ठ अधिवक्ता, ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के जिला अध्यक्ष डॉ उमाकांत श्रीवास्तव प्रिंसिपल,अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिला अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट,अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के जिला अध्यक्ष दयाल सरन श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद के जिला अध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव, कायस्थ एकता मंच के जिला अध्यक्ष दयाशंकर निगम, श्री चित्रगुप्त सभा के अध्यक्ष रमेंद्र नाथ श्रीवास्तव,कायस्थ संघ अंतर्राष्ट्रीय के जिला अध्यक्ष अजय वर्मा अज्जू, कायस्थ समाज जौनपुर, कायस्थ महासभा जौनपुर, युवा चित्रांश समिति सहित जौनपुर के सभी कायस्थ संगठनों ने संयुक्त रूप से कहा है विगत पिछले कुछ माह में जौनपुर में कायस्थ समाज के कई युवाओं का निधन, कायस्थ समाज जौनपुर के कई परिवार में आकस्मिक निधन, जिले के कई संगठन के पदाधिकारियों का देहान्त, कई संगठन के परिवार में देहान्त हो जाने से कायस्थ समाज मर्माहत है और दिनांक 15 मार्च को होने वाले सामूहिक होली मिलन समारोह स्थगित कर दिया गया है।
सभी जिला अध्यक्ष गण ने कहा है इधर कुछ महीनों से जौनपुर कायस्थ समाज के सैकड़ों परिवार में देहान्त पर समाज में शोक व्याप्त हैं और तो और इधर एक हफ्ते से कई परिवार में निधन पर कायस्थ समाज शोक में है और तो और होली के दिन एक परिवार में तेरहवीं पड़ने पर ऐसे में खुशी मनाना होली मिलन समारोह करना उचित नहीं हैं ऐसे में होली मिलन समारोह स्थगित किया जाता हैं और निर्णय हुआ है सभी शोकाकुल परिवार में पदाधिकारी पहुंच कर उनके दुख में शामिल होंगे और जौनपुर कायस्थ समाज की परंपरा है कि दुःख में सदैव साथ खड़े रहते है।
अबतक हुए कायस्थ समाज के लोगो के निधन पर कायस्थ समाज जौनपुर ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मृतकों के आत्मा के शांति के लिए विनती किया गया।
और जौनपुर कायस्थ समाज होली मिलन समारोह स्थगित करने का फैसला किया।
विदित हो कि कायस्थ कल्याण समिति ने भी होने वाली होली मिलन समारोह स्थगित कर दिया है कुछ दिन पूर्व समिति के महासचिव विपनेश श्रीवास्तव जी ने एक सूचना में दिया था।

