गाजियाबाद में एक नकली मेडिकेटेड स्क्रीन क्रीम बनाने वाली फैक्ट्री का हुआ भंडाफोड़:-

ब्यूरो चीफ/ सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद: गाजियाबाद के लोनी स्थित मीरपुर इलाके में दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने बीते रविवार को छापा मारकर एक नकली मेडिकेटेड स्क्रीन क्रीम बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है| छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से लगभग ढाई करोड़ के बेटनोवेट-सी, क्लोप-जी तथा और अन्य मेडिकेटेड स्किन क्रीम बरामद किए गए, मौके से भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री, आधे तैयार मटेरियल के साथ-साथ काफी रॉ मैटेरियल भी जप्त किया गया है| मौके से दो आरोपियों को पुलिस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आये हैं, पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है बल्कि आठवीं फेल हैं, मुख्य आरोपी गौरव भगत ने पूछताछ में बताया कि वह पहले एक दवा कंपनी की दवाइयां सप्लाई किया करता था सप्लाई करते-करते उसके दिमाग में नकली दवाइयां बनाने का का आइडिया आया और उसने अपने एक और सहयोगी साथी के साथ मिलकर इंटरनेट के जरिए वीडियो देखकर बेटनोवेट-सी और फ्लोप-जी जैसी क्रीम बनाने का तरीका सिखा तथा आनंद पर्वत से क्रीम बनाने वाली मशीने खरीदी और नकली क्रीम बनाने की फैक्ट्री शुरू कर दी| नकली क्रीम में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल या अलग-अलग राज्यों से मांगता था, क्रीम तैयार करने के बाद आरोपियों ने आसपास के मार्केट में थोड़ी-थोड़ी सप्लाई देना शुरू किया और थोड़े ही समय में इनकी सप्लाई बढ़ने लगी फिर इन्होंने दिल्ली,यूपी के अलावा और कई अन्य राज्यों में भी सप्लाई देने का काम शुरू कर दिया | आरोपियों को एक ट्यूब तैयार करने में लगभग डेढ़ से दो रुपए तक का खर्चा आता था और बाजार में इस ट्यूब को यह लोग 15 से 20 रुपए के रेट में बेचते थे और बाजारों से यह ट्यूब 70 से ₹100 के बीच में बेचा जाता था| तथा इसी कारण से आरोपियों की भी मोटी कमाई हो रही थी, स्पेशल क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अवैध धंधे से करोड़ों की संपत्ति जुटाई है जिसकी जांच की जा रही है जरूरत पड़ने पर उनकी चल अचल संपत्तियों को भी अटैच किया जाएगा| पुलिस द्वारा इनसे जुड़े हुए और भी लोगों की जानकारी ली जा रही है |

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