गैर इरादतन हत्या में दो भाइयों समेत तीन दोषियों को तीन-तीन साल की कैद
जौनपुर। यूपी के जौनपुर में रामपुर थाना क्षेत्र के खेमपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला जज सुशील कुमार शशि की अदालत ने गुरुवार को तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और 76,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 65,000 रुपये मृतक की पत्नी सुदामा देवी को दिए जाएं।
अदालत ने इस मामले में परमजीत सिंह, जगदीश सिंह और वसीम रहमान को दोषी पाया। जबकि मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक अन्य आरोपी वीरेंद्र बहादुर सिंह की मृत्यु हो चुकी है।
मामले के अनुसार, वादिनी सुदामा देवी ने रामपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2019 की रात करीब 10 बजे उनके पति रामवचन सिंह घर के बाहर अलाव ताप रहे थे। उसी समय पुरानी रंजिश को लेकर पड़ोसी वीरेंद्र बहादुर सिंह, परमजीत सिंह, जगदीश सिंह और वसीम रहमान लाठी-डंडा और तलवार लेकर उनके दरवाजे पर आ पहुंचे और रामवचन पर हमला कर दिया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं।
गंभीर रूप से घायल रामवचन को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता लाल बहादुर पाल और विनीत शुक्ला ने गवाहों के बयान और साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

